
पाकिस्तान: पूर्व PM इमरान खान की मुश्किलें बढ़ीं, लाहौर में हत्या और आतंकवाद के आरोप में FIR
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पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर गिरफ्तारी की तलवार लटकी है. इस बीच, इमरान समर्थक लगातार सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. बुधवार को विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया. इस घटना में एक PTI कार्यकर्ता की मौत हो गई और सैकड़ों लोग घायल हो गए. मामले में पुलिस ने इमरान समेत अन्य नेताओं पर संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज की है.
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ के प्रमुख और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. लाहौर पुलिस ने गुरुवार को इमरान और 400 अन्य के खिलाफ पार्टी की रैली के दौरान पुलिसकर्मियों के साथ झड़प के दौरान हत्या और आतंकवाद के आरोप में केस दर्ज किया है.
बता दें कि बुधवार को इमरान के आवास के बाहर रैली में बवाल से एक पीटीआई कार्यकर्ता अली बिलाल की मौत हो गई थी और सैकड़ों घायल हो गए थे. ये लोग प्रो-ज्यूडिशरी रैली निकालने वाले थे. पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के 11 महीने के शासन के दौरान पूर्व प्रधान मंत्री खान के खिलाफ दर्ज यह 80वां केस है. पुलिस ने इस मामले में 100 से अधिक पीटीआई कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार किया है. प्राथमिकी में कहा गया है कि पथराव करने वाले पीटीआई कार्यकर्ताओं के साथ झड़प में 11 पुलिस अधिकारी घायल हो गए हैं. छह पीटीआई कार्यकर्ताओं को भी चोटें आई हैं.
PTI ने पुलिस पर लगाया हत्या करने का आरोप
पीटीआई के वरिष्ठ नेता फवाद चौधरी ने गुरुवार को कहा कि पीटीआई कार्यकर्ता की हत्या के लिए पुलिसकर्मियों और उनके आकाओं के खिलाफ शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने के बजाय पुलिस ने 70 वर्षीय इमरान खान और 400 अन्य पर वर्कर की हत्या का केस दर्ज किया है. प्राथमिकी में फवाद चौधरी, फारुख हबीब, हम्माद अजहर और महमूदुर राशिद अन्य पीटीआई नेताओं के नाम शामिल हैं.
क्रिकेटर से राजनेता बने इमरान ने सोशल मीडिया पर पीटीआई कार्यकर्ताओं की हत्या पर सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा- बदमाशों के भ्रष्ट और जानलेवा गिरोह ने देश पर यही कहर ढाया है. उन्होंने हमारे संविधान, मौलिक अधिकारों और कानून के शासन का उल्लंघन किया है. महिलाओं समेत निर्दोष, निहत्थे पीटीआई कार्यकर्ता पुलिस की हिंसा और क्रूरता के निशाने पर थे, जबकि हिरासत में एक कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई है.
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