
पाकिस्तान की वो सड़क जहां सिकंदर की सेना के 15 हज़ार जवानों की मौत हुई थी
BBC
विश्व विजेता कहलाने वाले सिकंदर की सेना एक समय में जिस रास्ते भारत से लौटी थी, आज उसी रास्ते पर बने मकरान समुद्रतटीय राजमार्ग को दक्षिण एशिया के सबसे सुंदर और दिलकश रास्तों में एक माना जाता है.
विश्व विजेता कहलाने वाले सिकंदर की सेना एक समय में जिस रास्ते के ज़रिये भारत से लौटी थी, आज उसी रास्ते पर बने मकरान समुद्रतटीय राजमार्ग को दक्षिण एशिया के सबसे सुंदर और दिलकश रास्तों में एक माना जाता है.
मध्य कराची से तीस किलोमीटर पश्चिम में, बलूचिस्तान प्रांत की सीमा पर, पाकिस्तान के आतंकवाद विरोधी दस्ते के जवान मेरा इंतज़ार कर रहे थे. हाथों में एके-47 लिए वे मेरी कार तक आए और मेरा पासपोर्ट और अनापत्ति प्रमाण पत्र जांचा.
यह प्रमाण पत्र एक तरह का परमिट होता है जिसके बाद कोई विदेशी, पाकिस्तान के संवेदनशील इलाकों की यात्रा कर सकता है. जब वे अपनी जांच से संतुष्ट हो गए तब मैं अपने गाइड और आंतकवाद विरोधी दस्ते के सदस्यों के साथ काफ़िले में मकरान की ओर रवाना हुआ, जहां से ईरान की सीमा तक मुझे सड़क यात्रा करनी थी.
मेरे गाइड आमिर अकरम ने कहा, "दशकों से, मकरान या कहें कि वास्तव में पूरा बलूचिस्तान, न केवल पश्चिमी लोगों के लिए बल्कि प्रांत के बाहर के पाकिस्तानियों से भी कटा हुआ था."
कराची के विशाल उपनगरीय इलाकों से निकलते हुए जब पेड़-पौधों की संख्या बढ़ने लगी तो अकरम ने बताया, "यहां होने वाले अलगाववादी आंदोलनों और इस्लामिक चरमपंथियों की सक्रियता के चलते मैं तो पहले इधर आने की हिम्मत भी नहीं कर सकता था. लेकिन आजकल बलूचिस्तान सेना के नियंत्रण में है और हम सुरक्षित हैं. लेकिन इन इलाके में सुरक्षा विवरण की जानकारी के साथ चलने की मानक प्रक्रिया अपनानी होती है. मकरान के समुद्री तट को देखने का यही एक विकल्प मौजूद है और मैं आपको पाकिस्तान के सबसे सुंदर और सांस्कृतिक तौर पर समृद्ध क्षेत्र की विशेषता दिखाऊंगा."













