
पाकिस्तानी तालिबान ने खत्म किया युद्ध विराम, अपने लड़ाकों से कहा- पूरे मुल्क में हमले करें
AajTak
पाकिस्तान की शहबाज सरकार और तहरीक-एक-तालिबान के बीच युद्ध विराम खत्म हो गया है. दरअसल, जून में हुए इस समझौते को टीटीपी ने खत्म कर दिया है. साथ ही अपने लड़ाकों को आदेश दिए हैं कि पूरे पाकिस्तानभर में जहां भी हमले कर सकते हैं करें. हालांकि सरकार की ओऱ से इस बारे में कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.
प्रतिबंधित तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) ने जून के महीने में पाकिस्तान सरकार के साथ हुए अनिश्चितकालीन संघर्ष विराम को सोमवार को खत्म कर दिया है. इतना ही नहीं, TTP ने अपने उग्रवादियों को पूरे पाकिस्तान में हमले करने का आदेश दिया है.
पाकिस्तान तालिबान ने कहा कि खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के बन्नू और लक्की मरवत क्षेत्रों में सैन्य संगठनों द्वारा लगातार अटैक किए जा रहे हैं. इसे देखते हुए सरकार के साथ युद्धविराम को समाप्त करने का फैसला लिया गया है.
आतंकवादी समूह टीटीपी ने अपने लड़ाकों से कहा है कि विभिन्न क्षेत्रों में मुजाहिदीन (आतंकवादियों) के खिलाफ सैन्य अभियान चल रहे हैं. लिहाजा अब यह जरूरी हो गया है कि आप पूरे देश में जहां कहीं भी हमले कर सकते हैं, करें.
TTP को पाकिस्तान तालिबान के रूप में भी जाना जाता है. टीटीपी को 2007 में आतंकवादी संगठन के रूप में शामिल किया गया था. इसका उद्देश्य पूरे पाकिस्तान में इस्लाम के अपने कट्टरपंथ को लागू करना है.
टीटीपी ने कहा- संघर्ष विराम के उल्लंघन की चेतावनी दी
आतंकी संगठन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि उनकी ओर से कई बार संघर्ष विराम के उल्लंघन के बारे में चेतावनी दी गई थी, लेकिन इस ओऱ कोई ध्यान नहीं दिया गया. हम लंबे समय से धैर्य रख रहे थे. हम चाहते थे कि युद्ध विराम का उल्लंघन हमारी ओर से न हो. टीटीपी ने कहा कि सेना और खुफिया एजेंसियां नहीं रुकीं. उन्होंने लगातार हमलों को जारी रखा. अब हमारी ओर से भी पूरे पाकिस्तानभर में जवाबी हमले किए जाएंगे.

ईरान के साथ जारी जंग और अमेरिका में पेट्रोल की बढ़ती कीमतों ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की लोकप्रियता को तगड़ा झटका दिया है. ट्रंप की रेटिंग गिरकर 36% के रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गई है. चौंकाने वाली बात यह है कि आर्थिक मोर्चे पर अब ट्रंप की रेटिंग उनसे पहले राष्ट्रपति रहे जो बाइडेन के सबसे खराब दौर से भी नीचे चली गई है.

अमेरिका-इज़रायल-ईरान जंग के 25 दिन पूरे हो गए हैं. एक तरफ कूटनीतिक बातचीत की हलचल तेज हुई है, तो दूसरी तरफ सैन्य गतिविधियां भी जारी हैं. ताजा मामले में इजरायल की राजधानी तेल अवीव में ईरान का हमला हुआ. ईरान की एक मिसाइल एक इमारत में जा गिरी. हमले को लेकर 2 प्रत्यक्षदर्शियों ने हमारे संवाददाता से बात की है. आइए देखते हैं उन्होंने क्या बताया.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.









