
पहाड़ों में गुम हुई महिला, 19 साल से चल रही थी तलाश, एक सपने ने खोला उसकी गुमशुदगी का राज
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कहते हैं, जब तक इंसान जिंदा रहता है तो अपनी बातें दूसरों तक पहुंचा ही देता है, लेकिन क्या हो, जब वो इस दुनिया से जा चुका हो, फिर भी कोई संदेश देना चाहता हो? मान्यता है कि ऐसे समय आत्मा सपनों या अजीब इशारों के जरिए अपनी बात कहती है. सच्चाई कितनी है, ये कहना मुश्किल है, लेकिन ऐसी ही एक घटना ने सोशल मीडिया पर सबको हैरान कर दिया है.
अमेरिका की एक महिला की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रही है. कोलोराडो के पहाड़ों पर चढ़ाई के लिए निकली यह महिला अचानक लापता हो गई थी. सालों तक उसकी खोज होती रही लेकिन नतीजा नहीं निकला. फिर एक सपने ने इस रहस्य को नया मोड़ दिया, और आखिरकार 19 साल बाद उसकी तलाश खत्म हुई.हालांकि नतीजा बेहद दर्दनाक रहा.
गुमशुदगी की शुरुआत
24 सितंबर 2005 को चार बच्चों की मां मिशेल वानेक अपने दोस्त एरिक सॉयर के साथ होली क्रॉस पर्वत पर चढ़ाई के लिए निकली थीं. रास्ता भटकने और ऊंचाई की बीमारी से जूझने के बाद मिशेल ने तय स्थान पर रुकने का फैसला किया. सॉयर शिखर तक गए लेकिन जब वापस लौटे तो मिशेल कहीं नहीं थीं. उनकी तलाश शुरू हुई लेकिन कोई सुराग नहीं मिला.
सपने ने जगाई उम्मीद
सॉयर की सूचना पर रात में ही रेस्क्यू टीमें निकलीं. हेलिकॉप्टर, घोड़े, डॉग स्क्वॉड और 800 से ज्यादा लोग शामिल हुए. यह कोलोराडो के इतिहास का सबसे बड़ा सर्च ऑपरेशन बना, लेकिन बर्फबारी शुरू होते ही मिशेल का कोई सुराग नहीं मिला.
करीब 19 साल तक मिशेल की कोई निशानी सामने नहीं आई. फिर 2023 की सर्दियों में, वेल माउंटेन रेस्क्यू टीम के सदस्य स्कॉट बीबी, जो शुरुआती खोज में शामिल थे, दावा किया कि मिशेल उन्हें सपने में दिखाई दीं. सपने में मिशेल ने कहा कि उनकी तलाश एक महिला टीम को करनी चाहिए.

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