
नये साल 2025 में योगी आदित्यनाथ के सामने होंगी ये 5 नई चुनौतियां | Opinion
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लोकसभा चुनाव में बीजेपी का 33 सीटों पर सिमट जाना योगी आदित्यनाथ के लिए 2024 का सबसे बड़ा झटका रहा है, जिसमें 'अयोध्या की हार' भी शामिल है - नये साल में भी योगी आदित्यनाथ के सामने चुनौतियों की कोई कमी नहीं है.
योगी आदित्यनाथ के सामने 2022 में यूपी की सत्ता में वापसी सबसे बड़ी चुनौती थी. परिस्थितियां माकूल नहीं थीं, और सब कुछ दांव पर लगा हुआ था, लेकिन योगी आदित्यनाथ सफल रहे - दो साल बाद 2024 का लोकसभा चुनाव पहले जैसा तो नहीं, लेकिन एक विशेष प्रकार की चुनौती तो थी ही.
लोकसभा चुनाव में बीजेपी का 33 सीटों पर सिमट जाना योगी आदित्यनाथ के लिए 2024 का सबसे बड़ा झटका रहा है, जिसमें 'अयोध्या की हार' भी शामिल है - नये साल में भी योगी आदित्यनाथ के सामने चुनौतियों की कोई कमी नहीं है.
1. प्रयागराज को नई अयोध्या बनाने की चुनौती
प्रयागराज में महाकुंभ 2025 का आयोजन 13 जनवरी से 26 फरवरी तक होने जा रहा है. और महाकुंभ की तैयारियों में भी काफी तेजी देखने को मिल रही है. काफी दिनों से योगी आदित्यनाथ महाकुंभ का न्योता भी देने में व्यस्त हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत को मथुरा जाकर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिल्ली पहुंच कर वो न्योता दे चुके हैं.
हाल ही में दिल्ली आकर योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को महाकुंभ का न्योता दिया. साथ ही उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और दिल्ली के उप राज्यपाल वीके सक्सेना को भी प्रयागराज में होने जा रहे महाकुंभ के लिए आमंत्रित किया है.
महाकुंभ के न्योते को लेकर भी राजनीतिक आरोप प्रत्यारोप वैसे ही शुरू हो गये हैं, जैसे जनवरी में राम मंदिर उद्घाटन समारोह को लेकर हुआ था - महाकुंभ 2025 का निमंत्रण दिये जाने को लेकर समाजवादी पार्टी नेता अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ पर हमला बोल दिया है.

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