
दिल्ली में सरकारी स्कूलों के बच्चे पढ़ेंगे RSS की कहानी, AAP ने जताया विरोध
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दिल्ली में कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों को राष्ट्रनीति शिक्षा योजना के तहत स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस की भूमिका और गुमनाम नेताओं के बारे में पढ़ाया जाएगा. इसके लिए शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है.
दिल्ली के सरकारी स्कूलों में अब छात्रों को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस), वीर सावरकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में पढ़ाया जाएगा. दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को 'राष्ट्रनीति' योजना का ऐलान करते हुए यह जानकारी दी.
आशीष सूद ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि सलेबस में आरएसएस को शामिल करने करने का मकसद छात्रों को सामाजिक जिम्मेदारियों और देश के लिए उनके मौलिक कर्तव्यों (fundamental duties) के प्रति जागरुक करना है. कक्षा 1 से 12 तक के छात्रों के लिए डिजाइन किया गया यह प्रोग्राम उनमें नैतिक शासन, सिविक सेंस और देश के प्रति सम्मान की भावनाएं जगाएगा.
सेलेबस में क्या पढ़ेंगे छात्र?
सलेबस में आरएसएस की शुरुआत और इतिहास, सिद्धांतों और समाज सेवा और आपदा राहत में भागीदारी पर चैप्टर शामिल हैं. इसके अलावा देश के स्वतंत्रता संग्राम में इस संगठन की भूमिका के बारे में भी पढ़ाया जाएगा.

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