
तेल पर दबदबा, 37% जीडीपी... कितना ताकतवर है BRICS, जहां मिलेंगे मोदी-पुतिन-जिनपिंग?
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ब्रिक्स में अभी 10 देश हैं. जबकि, तीन दर्जन से ज्यादा देश ब्रिक्स से जुड़ना चाहते हैं. इनमें ज्यादातर मुल्क हैं, जो अमेरिका और पश्चिम के विरोधी हैं. ब्रिक्स देशों की ग्लोबल जीडीपी में 37 फीसदी से ज्यादा की हिस्सेदारी है.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए रूस पहुंच गए हैं. रूस के कजान में 22 से 24 अक्टूबर तक ब्रिक्स की 16वीं समिट होगी. इस समिट में सबकी निगाहें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग पर रहेंगी.
बताया जा रहा है कि समिट से इतर प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच द्विपक्षीय बातचीत भी होगी. पीएम मोदी और चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग की मुलाकात होने की भी उम्मीद है.
ब्रिक्स कुछ सालों में दुनिया के सबसे ताकतवर संगठन के रूप में उभरा है. पिछले साल ही ब्रिक्स में पांच नए देश जुड़े हैं. अब ब्रिक्स में कुल 10 देश हैं. इतना ही नहीं, ब्रिक्स देशों की जीडीपी G-7 देशों से भी दोगुनी से ज्यादा है. G-7 दुनिया की सात सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का संगठन है, जिसमें अमेरिका, यूके, जापान, इटली, जर्मनी, फ्रांस और कनाडा शामिल हैं.
तेल मार्केट पर ब्रिक्स देशों का दबदबा
ब्रिक्स में पहले ब्राजील, रूस, भारत, चीन और साउथ अफ्रीका थे. पिछले साल सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), मिस्र, ईरान और इथियोपिया को भी इसका सदस्य बनाया गया है.
अर्जेंटिना को भी ब्रिक्स में शामिल होने का न्योता दिया गया था, लेकिन उसने इससे इनकार कर दिया था.

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