
तवांग झड़प के बाद भारतीय सेना अलर्ट पर, लड़ाकू विमान भी तैयार
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तवांग में भारतीय और चीनी सेना की झड़प के बाद इंडियन एयरफोर्स ने इलाके में निगरानी की कमान संभाल ली है. भारतीय एयरफोर्स की एलएसी (लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल) समेत पूरे अरुणाचल प्रदेश में सभी तरह की गतिविधियों पर कड़ी नजर है.
अरुणाचल प्रदेश के तवांग में भारतीय और चीन के सैनिकों के बीच हुई झड़प के बाद भारतीय सेना पूरी तरह अलर्ट पर है. सेना वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) समेत अरुणाचल प्रदेश के कई इलाकों में भारतीय वायुसेना कड़ी निगरानी कर रही है. क्षेत्र में होने वाली सभी गतिविधियों पर इंडियन एयरफोर्स की पूरी नजर है. किसी भी स्थिति से निपटने के लिए वायुसेना के लड़ाकू विमानों को तैयार किया जा रहा है.
सूत्रों के अनुसार, भारतीय एयरफोर्स और आर्मी एक साथ परिस्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है. भारतीय वायुसेना ने क्षेत्र में निगरानी के लिए विमानों की उड़ानें बढ़ा दी हैं. इसका मकसद साफ है कि किसी भी तरह से भारतीय सेना अब पीछे नहीं हटना चाहती है और अगर चीन कोई नापाक साजिश करता है तो उसका मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी तैयारी है.
सोमवार को भारतीय सेना ने दी थी जानकारी
मालूम हो कि सोमवार को भारतीय सेना की ओर से तवांग में हुई झड़प की जानकारी दी गई थी. भारतीय सेना की ओर से बताया गया था कि इस झड़प में दोनों पक्षों के सैनिक घायल हुए हैं.
मंगलवार को लोकसभा में भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस झड़प को लेकर जानकारी दी है. राजनाथ सिंह ने बताया कि दोनों देशों के सैनिकों की झड़प में कोई भी भारतीय जवान शहीद नहीं हुआ है और ना ही कोई जवान गंभीर रूप से घायल है. राजनाथ सिंह ने बताया कि चीनी सैनिकों ने घुसपैठ की, जिन्हें भारतीय सैनिकों ने उनकी पोस्ट तक खदेड़ दिया.
साल 2020 के बाद चीन और भारत के बीच यह पहली बड़ी झड़प है. साल 2020 में पूर्वी लद्दाख के गलवान क्षेत्र में भारत और चीन के सैनिकों के बीच खूनी झड़प हो गई थी, जिसमें कई भारतीय जवान भी शहीद हुए थे.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

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युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

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