
चीन की इस जिद की वजह से कोरोना ढा रहा कहर, वैज्ञानिकों ने दी चेतावनी
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चीन में कोरोना की हालात डरावनी होती जा रही है. एक रिपोर्ट की मानें तो चीन में जनवरी से मार्च तक कोरोना बड़े स्तर पर फैल सकता है. चीन में हर रोज 10 लाख मामले और पांच हचार मौत हो सकती हैं. हालांकि, चीनी सरकार अभी भी कोरोना को लेकर ज्यादा चिंता नहीं दिखा रही है. सरकारी आंकड़ों में भी कोरोना के मामले सामान्य ही दिखाए जा रहे हैं.
चीन में कोरोना को लेकर डरावनी रिपोर्ट्स सामने आ रही हैं. रिपोर्ट्स की मानें तो चीन में कोविड-19 के ओमिक्रॉन वैरिएंट का सब वैरिएंट BF.7 तबाही मचा रहा है. सड़कों से ज्यादा अस्पतालों में भीड़ है. हालांकि, चीन की सरकार की ओर से जो आंकड़ें पेश किए जा रहे हैं, वह ज्यादा नहीं है. लेकिन दुनिया इस बात से जरूर वाकिफ है कि चीन की सरकार अपने देश के आंतरिक मामलों पर हमेशा पर्दा डालने की कोशिश करती रही है. ऐसा कोरोना के मामले में पहले भी देखा जा चुका है और एक बार फिर वही गलती दोहराई जा रही है.
कोरोना की शुरुआत यानी साल 2020 से लेकर अभी तक, चीन की सरकार ने देश में कोरोना फैलने की सीमित जानकारी ही सिर्फ दी. वहां की मीडिया ने भी सरकारी आंकड़ों को ही पेश किया. जहां दुनिया ने बढ़ चढ़कर वैक्सीन का इस्तेमाल किया और एक दूसरे देशों ने आपस में आयात-निर्यात कर मदद भी की, वहीं चीन इस मामले में भी शांत रहा.
चीन में कोरोना महामारी के जारी कहर को लेकर एक्सपर्ट्स का कहना है कि चीन कुछ प्राकृतिक नियमों के खिलाफ जाकर खड़ा हो गया. जैसे कि जीरो कोविड पॉलिसी. तमाम वैज्ञानिकों का कहना है कि वायरस अंत में तभी थमेगा जब एक हद तक आबादी उससे संक्रमित हो गई हो लेकिन चीन जीरो कोविड पॉलिसी पर अड़ा रहा.
चीन की जीरो कोविड पॉलिसी और लोगों का प्रदर्शन साल 2022 की शुरुआत में जब अधिकतर देश नियमों को ढीला कर जिंदगी का सामान्य करने की कोशिश कर रहे थे, उस समय चीन ने जीरो कोविड पॉलिसी लागू कर दी. दरअसल कोरोना के मामले में अधिकतर देशों ने यह मान लिया है कि अब उन्हें इस वायरस के साथ जीना सीखना होगा. लेकिन चीनी सरकार इस बात से आज भी इत्तेफाक नहीं रखती है.
चीन की सख्त पॉलिसी से साल 2022 के मध्य आते-आते नुकसान होना शुरू हो गया. इस पॉलिसी ने चीन की आर्थिक तरह से भी चोट पहुंचाई. देश में बेरोजगारी चरम पर आ गई, लोगों के रोजगार बंद होने लगे. इससे लोग भड़क गए और साल के अंत आते-आते लोगों ने बड़े स्तर पर कोविड पॉलिसी के खिलाफ प्रदर्शन करना शुरू कर दिया.
आखिरकार चीन की शी जिनपिंग सरकार को लोगों की बात माननी पड़ी और दिसंबर 2022 में सख्त नियमों को खत्म करने का ऐलान कर दिया गया. पाबंदियां हटाए कुछ ही दिन बीते थे कि एक बार फिर चीन में कोरोना के नए वैरिएंट से तबाही की खबरें आनी शुरू हो गईं.

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