
चीन का अमेरिका पर निशाना- इन लोगों ने लोकतंत्र को हथियार बना दुनिया को बांटा
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चीन ने जोर देकर कहा कि अमेरिका पूरी दुनिया को लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने की कोशिश करता लेकिन फिर इसी लोकतंत्र का इस्तेमाल पूरी दुनिया को बांटने के लिए करता है.
अमेरिका और चीन एक दूसरे पर निशाना साधने का एक भी मौका नहीं छोड़ रहे हैं. कई मुद्दों एक दूसरे के आमने-सामने रहने वाले देश अब फिर तकरार करते दिख रहे हैं. इस तकरार की वजह है Summit for Democracy कार्यक्रम जिसमें दुनिया के कई दिग्गजों ने हिस्सा लिया. पीएम मोदी ने भी इस कार्यक्रम में अपने विचार रखे थे.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

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ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.










