
चंडीगढ़ में बिजलीकर्मियों की हड़ताल से 'ब्लैकआउट', संकट दूर करने को बुलानी पड़ी इंडियन आर्मी
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Chandigarh electricity crisis: बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ सोमवार आधी रात से बिजलीकर्मी 72 घंटे की हड़ताल पर चले गए. इससे पूरे शहर की बिजली आपूर्ति ठप हो गई. बिजली न होने के कारण लोगों की कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.
चंडीगढ़ में बिजली संकट दूर हो गया है. बिजली संघ ने हड़ताल को वापस ले लिया है. केंद्र शासित प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बिजली आपूर्ति सामान्य हो गई है. उधर, बिजली संकट को दूर करने के लिए भारतीय सेना आगे आई थी. इंजीनियरों के साथ भारतीय सेना के करीब 100 से अधिक जवान जुटे हुए थे. भारतीय सेना का कहना था कि लगभग 80 पावर सेंटर को बहाल कर दिया गया है. सेना ने बिजली व्यवस्था का बहाल करने के लिए दिल्ली, जालंधर और अन्य जगहों से टीमों को बुलाया था.

E30 Petrol: ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) ने सरकार ने पेट्रोल में एथेनॉल ब्लेंडिंग 20% से बढ़ाकर 30% तक करने की मांग की है. इसके अलावा डीजल में भी एथेनॉल ब्लेंडिंग की संभावनाओं को तलाशने की बात कही जा रही है. सरकार पहले की कह चुकी है कि, एथेनॉल ब्लेंडिंग के चलते भारत ने करोड़ो बैरल कम तेल आयात किया है.

वाराणसी में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने चतुरंगिणी सेना सभा का गठन कर 27 सदस्यों की टीम बनाई और ‘रोको, टोको, ठोको’ का नारा दिया. माघ मेले की घटना के बाद शुरू हुई पहल में 10 महीने में भर्ती व प्रशिक्षण का खाका तैयार होगा. उन्होंने बताया कि संगठन का उद्देश्य सनातन प्रतीकों की रक्षा और समाज में सुरक्षा का भाव मजबूत करना है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट पर हमले को 5 दिन तक टाल दिया है. इसके साथ ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत पर के नतीजे पर आगे का फैसला होगा. वहीं ट्रंप के इस ऐलान के बाद दुनिया के बाजारों में जबरदस्त उछाल आया है और कच्चे तेल की कीमतों में 11% की गिरावट आई है.










