
ग्रीस के समंदर में पलटी प्रवासियों से भरी नाव, 79 डूबे, पाकिस्तान, मिस्र और सीरिया के लोग थे सवार
AajTak
ग्रीस के समंदर में माइग्रेंट्स से भरी नाव पलटने पर 79 लोग डूब गए. बता दें कि गरीब और पिछड़े देशों से अच्छे जीवन की तलाश में कई लोग यूरोप के देशों की तरफ पलायन करते हैं. इनमें से ज्यादातर समुद्री मार्ग को चुनते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं.
नाइजीरिया की नदी में नाव पलटने की घटना सामने आने के बाद अब ग्रीस के समंदर में भी ऐसा ही एक वाकया सामने आया है. यहां माइग्रेंट्स से भरी नाव पलट गई, जिसमें 79 लोगों के डूबने की बात सामने आई है. नाव में जरूरत से ज्यादा लोगों के सवार होने को हादसे के पीछे की वजह बताया जा रहा है. नाव में 750 लोगों के सवार होने की संभावना जताई जा रही है. फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है. मृतकों का आंकड़ा बढ़ भी सकता है.
बताया जा रहा है कि 20 से 30 मीटर लंबी (65 से 100 फीट) नाव में करीब 750 लोग सवार थे. इसमें से 104 को रेस्क्यू कर लिया गया है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक नाव पर सवार ज्यादातर लोग पाकिस्तान, सीरिया और लीबिया के थे. यह पहली बार नहीं है जब पश्चिमी देश जाने के लालच में लोग नाव पर सवार होकर समुद्र में उतर जाते हैं और नाव डूबने पर अपनी जिंदगी गंवा बैठते हैं.
2021 में हुई थी 57 लोगों की मौत
इससे पहले फरवरी में तूफान के दौरान इटली के कैलाब्रियन तट पर प्रवासियों की लकड़ी की नाव चट्टानों से टकरा गई थी. इस हादसे में 96 लोगों की मौत हो गई थी. जुलाई 2021 में भी अफ्रीकी प्रवासियों को ले जा रही एक नाव लीबिया के तट पर पलट गई थी. इसमें 57 लोगों की मौत हुई थी. इंटरनेशनल ऑर्गनाइजेशन फॉर माइग्रेशन के प्रवक्ता सफा मसेहली ने बताया था कि यह जहाज पश्चिमी तटीय शहर खम्स से रवाना हुआ था. महिलाओं और बच्चों सहित कम से कम 75 प्रवासी बोट पर सवार थे, जिसके डूबने से बड़ी संख्या में लोग मारे गए.
अफ्रीकी देशों से थे माइग्रेंट
मछुआरों और लीबिया के तट रक्षकों ने 18 प्रवासियों को रेस्क्यू ऑपरेशन में बचा लिया था और तट पर वापस भेज दिया था. जो लोग इस हादसे में बच गए थे, उनमें से अधिकांश लोग नाइजीरिया, घाना और गांबिया से थे. प्रत्यक्षदर्शकों ने बताया था कि बोट इंजन की खराबी की वजह से रुक गई थी. मौसम खराब हुआ इसी दौरान बोट पलटने से यह हादसा हुआ.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.










