
गौतम गंभीर की जगह वीवीएस लक्ष्मण बनेंगे टेस्ट टीम के हेड कोच? अफवाहों पर BCCI ने तोड़ी चुप्पी
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गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम व्हाइट बॉल क्रिकेट में तो अच्छा प्रदर्शन कर रही है, लेकिन टेस्ट मैचों में नतीजे अच्छे नहीं आए हैं. भारतीय टीम न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने घर पर टेस्ट सीरीज नहीं जीत सकी. दोनों ही सीरीज में भारतीय टीम का सूपड़ा साफ हो गया.
गौतम गंभीर की कोचिंग में भारतीय टीम का टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा है. हाल ही में भारतीय टीम को साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने घर पर टेस्ट सीरीज में 0-2 से करारी हार झेलनी पड़ी थी. यहां तक कि पिछले साल न्यूजीलैंड के हाथों भी भारत अपने घर पर 0-3 से पराजित हुआ था.
गौतम गंभीर की कोचिंग शैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया था कि उन्हें टेस्ट टीम के कोच के पद से हटाया जा सकता है. साथ ही टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारतीय टीम का प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं होता है, तो उनके कॉन्ट्रैक्ट पर दोबारा विचार किया जाएगा. गंभीर का कॉन्ट्रैक्ट 2027 के वनडे वर्ल्ड कप तक है.
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अब गौतम गंभीर को लेकर चल रही अटकलों पर भारतीय क्रिकेट नियंत्रम बोर्ड (BCCI) की ओर से बड़ा बयान सामने आया है. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने साफ शब्दों में कहा है कि गौतम गंभीर को रेड-बॉल (टेस्ट) कोच पद से हटाने को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई है और ये सारी बातें महज अफवाहें हैं.
सैकिया ने क्या कहा? इंडिया टुडे से बातचीत में देवजीत सैकिया ने इन खबरों को खारिज करते हुए कहा, 'गौतम गंभीर की टेस्ट कोचिंग को लेकर न तो कोई बातचीत हुई है और न ही किसी दूसरे कोच से संपर्क किया गया है. ऐसी सभी बातें केवल अफवाहें हैं.'
बीसीसीआई सचिव ने यह भी स्पष्ट किया कि गौतम गंभीर अपने मौजूदा कॉन्ट्रैक्ट के तहत टीम इंडिया के साथ काम करते रहेंगे. बोर्ड की ओर से कोचिंग स्टाफ में किसी तरह के बदलाव को लेकर फिलहाल कोई योजना नहीं है. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और कुछ रिपोर्ट्स में गंभीर के रिप्लेसमेंट को लेकर जो चर्चाएं चल रही हैं, उनका कोई आधार नहीं है.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












