
गाजा में बढ़ा फिलीस्तीनियों के मारे जाने का आंकड़ा, अब तक 23357 लोगों की मौत
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बयान में कहा गया कि गाजा की 2.3 मिलियन की आबादी में से लगभग 1.9 मिलियन लोग विस्थापित हो गए हैं क्योंकि पूरे पड़ोस को इजरायली बमबारी द्वारा नष्ट कर दिया गया है. इसमें कहा गया है कि पिछले 24 घंटों में गाजा पट्टी पर इजरायली सैन्य अभियानों में कम से कम 147 फिलिस्तीनी मारे गए और 243 अन्य घायल हो गए.
गाजा में फिलीस्तीनियों की मौत का आंकड़ा बढ़कर 23,357 हो गया है. गाजा स्थित स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि 7 अक्टूबर को इजरायल-हमास संघर्ष शुरू होने के बाद से गाजा पट्टी पर इजरायली हमलों में फिलीस्तीनियों की मौत की संख्या बढ़कर 23,357 हो गई है, जबकि 59,410 लोग घायल हुए हैं.
इसमें कहा गया है कि गाजा की 2.3 मिलियन की आबादी में से लगभग 1.9 मिलियन लोग विस्थापित हो गए हैं क्योंकि पूरे पड़ोस को इजरायली बमबारी द्वारा नष्ट कर दिया गया है. इसमें कहा गया है कि पिछले 24 घंटों में गाजा पट्टी पर इजरायली सैन्य अभियानों में कम से कम 147 फिलिस्तीनी मारे गए और 243 अन्य घायल हो गए.
हमास के मीडिया कार्यालय ने एक बयान में कहा, बुधवार को मध्य गाजा के दीर अल-बलाह में अल-अक्सा शहीद अस्पताल के निकट एक घर को निशाना बनाकर किए गए इजरायली बम विस्फोट में अकेले 40 से अधिक लोग मारे गए या घायल हो गए.
शुक्रवार को बुलाई अरब समूह की बैठक बता दें कि, फिलिस्तीनी राजदूत ने यूएन में फिर से मुद्दा उठाने के लिए शुक्रवार को अरब समूह की बैठक बुलाई है. हालात काफी चिंताजनक हो चुके हैं. लगातार हमले रोकने की तमाम कोशिशें अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर की जा रही हैं. इजरायल के तेल अवीव दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने भी युद्ध को जल्द खत्म करने की बात कही है. अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने कहा कि हम चाहते हैं कि ये जंग जल्द से जल्द खत्म हो जाए.
इसकी वजह से बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी जान गंवाई है. लाखों की संख्या में लोग इस युद्ध की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. लेकिन यह भी महत्वपूर्ण है कि इजराइल अपने हितों की रक्षा को सुनिश्चित करे, ताकि दोबारा कोई 7 अक्टूबर जैसा हमला करने से पहले कई बार सोचे. देखा जाए तो अमेरिका दोतरफा बातें कर रहा है. वो जंग रोकना भी चाहता, लेकिन इजरायल का समर्थन भी कर रहा है.

ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.








