
गट हेल्थ के लिए डेली डाइट में शामिल कर लें ये फूड्स, बीमारियां रहेंगी दूर
AajTak
अगर आप खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आपको अपना डाइजेस्टिव सिस्टम यानी पाचन तंत्र को बेहतर रखना चाहिए. पाचन तंत्र आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन को ना केवल पचाने में मदद करता है बल्कि यह पोषक तत्वों को अवशोषित करने में भी मदद करता है इसलिए हेल्दी शरीर के लिए हेल्दी डाइजेस्टिव सिस्टम बेहद जरूरी है. यहां हम आपको डाइजेस्टिव सिस्टम को तेज करने वाले कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जिनका सेवन आपको रोजाना करना चाहिए.
अगर आप खुद को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो आपको अपना डाइजेस्टिव सिस्टम यानी पाचन तंत्र को बेहतर रखना चाहिए. पाचन तंत्र आपके द्वारा खाए जाने वाले भोजन को ना केवल पचाने में मदद करता है बल्कि यह पोषक तत्वों को अवशोषित करने में भी मदद करता है इसलिए हेल्दी शरीर के लिए हेल्दी डाइजेस्टिव सिस्टम बेहद जरूरी है. यहां हम आपको डाइजेस्टिव सिस्टम को तेज करने वाले कुछ ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जिनका सेवन आपको रोजाना करना चाहिए.
फाइबर रिच फूड्स का सेवन बढ़ाएं
पेट के स्वास्थ्य और पाचन को बेहतर करने के लिए अपनी डाइट में फाइबर रिच फूड्स का सेवन करना बेहद जरूरी है. फाइबर पाचन में मदद करता है और कब्ज जैसी दिक्कतों को रोकता है. फाइबर रिच फूड्स हेल्दी गट हेल्थ और माइक्रोबायोम के लिए भी जरूरी होते हैं.
प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स है जरूरी
प्रोबायोटिक्स और प्रीबायोटिक्स फर्मेंटेड फूड्स में पाए जाते हैं और इनका सेवन आपको कई हेल्थ बेनेफिट्स देता है. ये एलर्जी, गठिया, अपच और कब्ज जैसी दिक्कतों को दूर करते हैं.
फल और सब्जियां खाएं

दुबई के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाली राजकुमारी 2019 में अपने पति के डर से भाग गई और ब्रिटेन में जाकर शरण ले ली. यह दावा करते हुए कि उसे अपने पति से जान का खतरा है. क्योंकि उसे पता चला था कि शेख ने पहले अपनी ही दो बेटियों का अपहरण कर लिया था और उन्हें उनकी इच्छा के विरुद्ध दुबई वापस ले आया था. अब वह ब्रिटेन के एक गांव में अपना शाही आशियाना बना रही हैं.

Chalisa Yog: ज्योतिष शास्त्र में चालीसा योग उस स्थिति को कहा जाता है जब दो ग्रह आपस में 40 अंश (डिग्री) की दूरी पर स्थित होते हैं. इस योग का नाम ही “चालीसा” है, क्योंकि इसका संबंध 40 अंश के अंतर से होता है. चालीसा योग का प्रभाव हर राशि पर समान नहीं होता. यह ग्रहों की स्थिति, भाव और व्यक्ति की कुंडली पर निर्भर करता है कि यह योग शुभ फल देगा या सावधानी की जरूरत पैदा करेगा.











