क्या शरद पवार होंगे विपक्षी गठबंधन का चेहरा? जानें क्या बोले बिहार CM नीतीश कुमार
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मुंबई में मुलाकात के बाद नीतीश कुमार और शरद पवार ने एक प्रेस कांफ्रेंस की. यहां दोनों नेताओं ने विपक्षी दलों को साथ आने की सलाह दी और बीजेपी पर निशाना साधा. इस दौरान नीतीश कुमार ने कहा कि हम यही चाहते हैं कि देशहित में सभी दल साथ आएं. विपक्षी दल साथ आएंगे तो देश का भला होगा.
अगामी लोकसभा चुनाव में बीजेपी का सामना करने के लिए महागठबंधन की कवायद शुरू हो चुकी है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विपक्षी दलों को एकजुट करने में जुटे हैं. इस कड़ी में नीतीश कुमार और तेजस्वी यादव गुरुवार को एनसीपी प्रमुख शरद पवार से मुलाकात करने मुंबई पहुंचे. इस दौरान शरद पवार और उनकी बेटी सुप्रिया सुले ने बिहार के सीएम और डिप्टी सीएम का स्वागत किया.
मुलाकात के बाद नीतीश कुमार और शरद पवार ने एक प्रेस कांफ्रेंस की. इसमें नीतीश कुमार ने कहा कि हम यही चाहते हैं कि देशहित में सभी दल साथ आएं. विपक्षी दल साथ आएंगे तो देश का भला होगा. साथ आने पर सभी दलों की सहमती बन रही है. हम लोग एक बड़ा गठबंधन बनाने में लगे हुए हैं. शरद पवार को लेकर नीतीश कुमार ने कहा कि केवल अपनी पार्टी के लिए ही नहीं, उन्हें (पवार) पूरे देश के लिए काम करना चाहिए.
यह पूछे जाने पर कि क्या शरद पवार विपक्षी गठबंधन का मुख्य चेहरा होंगे, नीतीश कुमार ने कहा, "इससे ज्यादा सुखद कुछ नहीं होगा. मैंने उनसे कहा है कि उन्हें (पवार) न केवल अपनी पार्टी के लिए बल्कि पूरे देश के लिए और अधिक जोश के साथ काम करना है. जितना अधिक विपक्षी दल एक साथ आएंगे, यह देश के हित में उतना ही बेहतर होगा."
'लोकतंत्र को बचाने के लिए साथ काम करना जरूरी'
वहीं शरद पवार ने कहा, "लोकतंत्र को बचाने के लिए साथ मिलकर काम करना जरूरी है. देश के हालात को देखकर लगता है कि मिलजुल कर काम करेंगे तो विकल्प का समर्थन मिलेगा. भाजपा कर्नाटक विधानसभा चुनाव हारेगी. मेरी जानकारी के अनुसार, वहां के लोग भाजपा को हटा देंगे और एक धर्मनिरपेक्ष सरकार का चुनाव करेंगे. नैतिकता और बीजेपी का कोई संबंध नहीं है."
उद्धव ठाकरे के इस्तीफे के बारे में सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पवार ने कहा कि अगर और लेकिन पर जवाब देने का कोई मतलब नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने राजनेताओं पर अहम टिप्पणी की थी. विधायी समूह अंतिम नहीं है, राजनीतिक दल भी महत्वपूर्ण है. अयोग्यता का फैसला स्पीकर द्वारा किया जाएगा, जैसा कि SC ने कहा है. स्पीकर के निर्णय लेने के बाद हम आगे की रणनीति तय करेंगे. स्पीकर एक संस्था है और संस्थान को विश्वास बनाए रखने के लिए काम करना चाहिए.

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