
कोचिंग सेंटर्स में 10वीं तक के छात्र की एंट्री बंद, कोटा पर क्या होगा असर? कोचिंग और हॉस्टल संचालकों से जानें
AajTak
कोचिंग सेंटर्स के लिए सरकार की नई गाइडलाइंस जारी होने के बाद कोचिंग हब कोटा पर भी बड़ा असर पड़ेगा. नीट और जेईई मेन्स जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की बड़ी संख्या कोटा में है. कोटा के कोचिंग और हॉस्टल संचालकों ने नई गाइडलाइंस पर अपना पक्ष रखा है.
शिक्षा मंत्रालय ने कोचिंग संस्थानों के लिए नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं जिसमें 16 साल से कम उम्र के छात्रों का अब कोचिंग संस्थानों में दाखिला नहीं देने और अच्छे नंबर या रैंक दिलाने की गारंटी जैसे भ्रामक वादे न करने की हिदायत भी दी गई है. कोचिंग सेंटर नियमो में पहले उल्लंघन के लिए 25 हजार रुपये, दूसरी बार 1 लाख रुपये और तीसरी बार अपराध के लिए रजिस्ट्रेशन केंसिल करने के साथ भारी जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
कोचिंग सेंटर्स के लिए नई गाइडलाइंस जारी होने के बाद राजस्थान का कोचिंग हब कहे जाने वाले कोटा से भी इसपर रिएक्शन आने लगे हैं. नीट और जेईई मेन्स जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों की बड़ी संख्या कोटा में है. कोचिंग सेंटर्स के लिए सरकार की नई गाइडलाइंस जारी होने के बाद कोटा से रिएक्शन आ रहे हैं. ज्यादातर 16 साल से कम उम्र के बच्चों को कोचिंग सेंटर्स में दाखिला देने से मना करने पर खुश नहीं हैं.
राजस्थान के कोटा में हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने कहा कि कोचिंग सेंटर के लिए केंद्र सरकार की गाइडलाइन आई है कि 16 साल से कम उम्र के बच्चों को कोचिंग में एडमिशन नहीं दे सकते, इससे मैं सहमत नहीं हूं, 16 वर्ष की उम्र बच्चों की सीखने की उम्र होती है जहां बच्चा कुछ सीखना चाहता है. आईआईटी और मेडिकल का उसको बहुत ज्यादा फायदा मिलता है.
उन्होंने आगे कहा कि केंद्र सरकार को इस बारे में जरूर एक मंथन करना चाहिए और जितने भी बच्चे 16 वर्ष से कम उम्र के 9वीं और 10वीं में पढ़ रहे हैं, उनके अभिभावकों से भी चर्चा करनी चाहिए, और चर्चा करके ही इस नियम को दोबारा लागू करना चाहिए, नहीं तो जो बच्चे डॉक्टर और इंजीनियर के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते हैं, वे आगे नहीं बढ़ पाएंगे. उन पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा. केंद्र सरकार के इस फैसले से उनकी उम्र के बंधन से जिस क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, उसकी तैयारी नहीं कर पाएंगे, इससे उनके दिमाग पर भी प्रेशर रहेगा. नवीन मित्तल ने आगे कहा कि मेरा यही मानना है कि सरकार को इस 16 वर्ष की आयु से कम बच्चों को कोचिंग में प्रवेश नहीं देने के फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए और उसके बाद ही कुछ अगला स्टेप उठाना चाहिए.

सैकड़ों साल पहले तबाह हो चुके एक रोमन शहर की दीवार पर करीब 2000 साल पुराने लव लेटर्स लिखे हुए मिले हैं. यह खोज आज की उन्नत और आधुनिक तकनीक का नतीजा है. क्योंकि, जिस दीवार पर ये ग्रैफिटी बने थे, वो काफी पहले खुदाई में मिल गए थे, लेकिन उन पर उकेरे गए भित्तिचित्रों को समझना मुश्किल था. अब जाकर पुरातत्वविदों को इसका मतलब पता चला है.

Shani Nakshatra Gochar 2026: शनि जब रेवती नक्षत्र में प्रवेश करते हैं, तो इसका प्रभाव धीरे-धीरे लेकिन गहराई से देखने को मिलता है. रेवती नक्षत्र मीन राशि का अंतिम नक्षत्र माना जाता है और इसका स्वामी बुध ग्रह है. इसलिए इस अवधि में सोच-समझ, योजना, संवाद और निर्णय क्षमता से जुड़े मामलों में खास बदलाव दिखाई दे सकते हैं.

Aaj 20 February 2026 का पंचांग (Aaj ka Panchang): 20 फरवरी 2026, दिन- शुक्रवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, तृतीया तिथि 14.38 बजे तक फिर चतुर्थी तिथि, उत्तर भाद्रपद नक्षत्र 20.07 बजे तक रेवती नक्षत्र, चंद्रमा- मीन में, सूर्य- कुंभ में, अभिजित मुहूर्त- दोपहर 12.12 बजे से दोपहर 12.58 बजे तक, राहुकाल- सुबह 11.10 बजे से दोपहर 12.35 बजे तक, दिशा शूल- पश्चिम.










