
केशव महाराज ने रचा इतिहास... पाकिस्तानी टीम के खिलाफ झटके 7 विकेट, लगी रिकॉर्ड्स की झड़ी
AajTak
केशव महाराज ने साउथ अफ्रीका के लिए 60 टेस्ट मैचों में 210 विकेट अपने नाम किए हैं. पाकिस्तान के खिलाफ रावलपिंडी टेस्ट मैच में भी महाराज की फिरकी जमकर चली है.
पाकिस्तान और साउथ अफ्रीका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का आखिरी मुकाबला रावलपिंडी के रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है. इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका के अनुभवी स्पिनर केशव महाराज ने शानदार प्रदर्शन किया है. महाराज ने पाकिस्तान की पहली पारी में 102 रन देकर सात विकेट चटकाए. इसके चलते पाकिस्तानी टीम पहली पारी में 333 रनों पर सिमट गई.
केशव महाराज ने इस शानदार गेंदबाजी के चलते कुछ जबरदस्त रिकॉर्ड बनाए हैं. किसी साउथ अफ्रीकी गेंदबाज का पाकिस्तानी धरती पर टेस्ट में ये सबसे शानदार प्रदर्शन रहा. महाराज ने पॉल एडम्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया. एडम्स ने अक्टूबर 2003 में लाहौर टेस्ट मैच की दूसरी पारी में 128 रन देकर 7 विकेट झटके थे.
केशव महाराज ऐसे पहले विदेशी गेंदबाज हैं, जिन्होंने रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में पाकिस्तान के खिलफ टेस्ट पारी में सात या उससे ज्यादा विकेट झटके हैं. महाराज ने पाकिस्तान के लोअर मिडिल ऑर्डर और निचले क्रम को धराशायी करते हुए यह उपलब्धि हासिल की. दूसरे दिन (21 अक्टूबर) के खेल के पहले सत्र में उन्होंने पांच विकेट लिए. वहीं पहले दिन के खेल में महाराज ने बाबर आजम और शान मसूद को पवेलियन भेजा था.
केशव महरााज बाएं हाथ के ऐसे दूसरे स्पिनर हैं, जिन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ उसकी धरती पर टेस्ट पारी में सात विकेट झटके. महाराज से पहले सिर्फ वेस्टइंडीज के जोमेल वॉरिकन ने यह कारनामा किया था. वॉरिकन ने इस साल जनवरी में मुल्तान टेस्ट मैच में पाकिस्तान की दूसरी पारी में 32 रन देकर सात विकेट हासिल किए थे.
देखा जाए तो पाकिस्तान के खिलाफ उसकी धरती पर सिर्फ 11 गेंदबाजों ने टेस्ट पारी में सात या उससे अधिक विकेट लिए हैं. इसमें टीम इंडिया के पूर्व कप्तान कपिल देव का नाम भी शामिल है.
रावलपिंडी टेस्ट के दूसरे दिन सलमान अली आगा और सऊद शकील ने पाकिस्तान के लिए सधी शुरुआत की. दोनों ने छठे विकेट के लिए 70 रनों की साझेदारी की, जिसके चलते पाकिस्तान का स्कोर 300 के पार पहुंचा. फिर केशव महाराज ने जल्द ही साउथ अफ्रीकी टीम की वापसी कराते हुए सलमान को 46 रनों के स्कोर पर आउट किया. फिर अपने अगले ओवर में उन्होंने शकील को पवेलियन भेजा.

टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले पूर्व कप्तान रोहित शर्मा ने भारतीय टीम की सबसे बड़ी चुनौती को लेकर आगाह किया है. उनका मानना है कि ओस के कारण स्पिन और तेज गेंदबाजी के संतुलन को लेकर टीम मैनेजमेंट को मुश्किल फैसले लेने पड़ेंगे. कुलदीप यादव और वरुण चक्रवर्ती को एक साथ खिलाना या नहीं, यही भारत के लिए सबसे बड़ा सवाल होगा.












