
केरल की रैली में हमास नेता की मौजूदगी पर बवाल बढ़ा, आयोजकों ने कहा कुछ भी गलत नहीं
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केरल बीजेपी अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने एक रैली में हमास नेता खालिद मशेल के वर्चुअली हिस्सा लेना का आरोप लगाया था. उन्होंने दावा किया था कि खालिद मशेल जमात-ए-इस्लामी की यूथ विंग सॉलिडेरिटी यूथ मूवमेंट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुआ था.
केरल के मलप्पुरम में फिलिस्तीन के समर्थन में हुई एक रैली में हमास के नेता खालिद मशेल के वर्चुअली हिस्सा लेने पर विवाद बढ़ गया है. हालांकि, इस रैली के आयोजक ने हमास नेता को बुलाए जाने को सही ठहराया है.
केरल बीजेपी अध्यक्ष के. सुरेंद्रन ने एक रैली में हमास नेता खालिद मशेल के वर्चुअली हिस्सा लेना का आरोप लगाया था. उन्होंने दावा किया था कि खालिद मशेल जमात-ए-इस्लामी की यूथ विंग सॉलिडेरिटी यूथ मूवमेंट की ओर से आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुआ था.
सुरेंद्रन ने फेसबुक पर इस कार्यक्रम से जुड़ा एक पोस्टर भी साझा किया था. ये कार्यक्रम मलप्पुरम में हुआ था. सुरेंद्रन ने कहा था कि हमास नेता इस कार्यक्रम में वर्चुअली शामिल हुआ था, क्योंकि उसे वीजा नहीं मिला था. उन्होंने केरल पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों से मामले की जांच करने की मांग की थी.
इसमें कुछ गलत नहीं: आयोजक
बीजेपी ने एक ओर इस पर सवाल उठाए हैं तो दूसरी आयोजक ने इसे सही ठहराया है. सॉलिडेरिटी यूथ मूवमेंट के राज्य प्रमुख सुहैब सीटी ने न्यूज एजेंसी से कहा, 'उन्होंने फिलिस्तीनी लोगों के साथ एकजुटता व्यक्त करने और इजरायल के हमलों की निंदा करने के लिए हमारे कार्यक्रम में हिस्सा लिया था. इसमें कुछ भी असामान्य देखने की जरूरत नहीं है.'
सुहैब ने दावा किया कि हमास भारत में सक्रिय या प्रतिबंधित संगठन नहीं है, इसलिए उसका शामिल होना कानून के तहत अपराध नहीं है. उन्होंने कहा कि भारत में कई और कार्यक्रम होंगे जो फिलिस्तीनियों के लिए भारतीय समर्थन को साबित करेंगे.

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