
किराए का मकान, मर्डर और दिल्ली में आतंकी साजिश... जानें, भलस्वा डेरी के खूनी मकान की पूरी कहानी
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जगजीत सिंह और नौशाद पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) लगाया गया. फिर दोनों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. जहां से अदालत ने दोनों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. इसके बाद फिर दोनों से पूछताछ का सिलसिला शुरू किया गया.
राजधानी में दिल्ली पुलिस की ठीक नाक के नीचे दो संदिग्धों ने ऐसा कांड कर दिया कि हर कोई हैरान रह गया. सुरक्षा के चाक चौबंद इंतजाम धरे गए. खुफिया एजेंसियों का नेटवर्क भी नाकाम नजर आया. देर से ही सही लेकिन पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के वक्त पुलिस को भी नहीं पता था कि उनके हत्थे चढ़े दोनों लोग कोई मामूली अपराधी नहीं हैं, बल्कि वो आतंकी नेटवर्क से जुड़े ऐसे शातिर गुर्गे हैं, जो टारगेट किलिंग को अंजाम देने की फिराक में थे. उनके पकड़े जाने के बाद जो खुलासा हुआ. उसने पुलिस के होश उड़ा कर रख दिए.
13 जनवरी 2023, जहांगीरपुरी, दिल्ली उस दिन देर शाम को दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल की टीम इलाके में पहुंची. फिर अचानक पुलिस ने एक मकान को हर तरफ से घेर लिया. इससे पहले आस-पास के लोग कुछ समझ पाते, पुलिस ने उस मकान में दाखिल हो गई. बाहर लोग हैरान परेशान खड़े थे कि आखिर उस मकान में है क्या? कुछ देर बाद पुलिस की टीम दो लोगों को लेकर बाहर निकली. पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया था. ये दोनों शख्स थे जगजीत सिंह और नौशाद. इन दोनों का संबंध खालिस्तानी आतंकी संगठन से बताया जा रहा था. इसके बाद स्पेशल सेल की एक टीम इन दोनों को लेकर रवाना हो गई. जबकि कुछ पुलिस वाले उस मकान की छानबीन में जुट गए. जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को जहांगीरपुरी में कुछ संदिग्धों के छिपे होने की सूचना मिली थी. उसी सूचना के आधार पर पुलिस ने जगजीत और नौशाद को पकड़ा.
संदिग्धों का आतंकी कनेक्शन पुलिस की पकड़ में आए दोनों संदिग्धों से स्पेशल सेल की टीम पूछताछ करना चाहती थी. उन दोनों के मंसूबे जानना चाहती थी. लिहाजा, दोनों को पूछताछ के लिए ले जाया गया. पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी. पूछताछ में दोनों ने चौंकाने वाले खुलासे किए. पुलिस के मुताबिक, ये दोनों टारगेट किलिंग का प्लान कर रहे थे, जिसे पुलिस ने नाकाम कर दिया. पुलिस ने बताया कि दोनों संदिग्ध पहले भी बड़ी वारदातों में शामिल रह चुके हैं.
दोनों पर लगाया यूएपीए (UAPA) जगजीत सिंह और नौशाद पर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) लगाया गया. फिर दोनों को दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया. जहां से अदालत ने दोनों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है. इसके बाद फिर दोनों से पूछताछ का सिलसिला शुरू किया गया. दोनों ने कुछ अहम खुलासे किए, जिसे जानकर पुलिस सकते में आ गई.
मकान में मिले खून के निशान दोनों से पूछताछ के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने भलस्वा डेयरी इलाके में देर रात छापेमारी की. इस दौरान पुलिस ने दो हैंड ग्रेनेड समेत हथियार बरामद किए. भलस्वा डेयरी के उस मकान में रेड की कार्रवाई के दौरान पुलिस वालों ने देखा कि घर में कुछ खून के छींटे थे. उन निशानों को देखकर स्पेशल सेल की टीम को कुछ शक हुआ. लिहाजा, मौके पर फॉरेंसिंक टीम को बुलाने का फैसला किया गया. कुछ देर बाद ही फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंच गई.
मौके पर बुलाई गई FSL टीम जानकारी के मुताबिक दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने देर रात मौका-ए-वारदात पर FSL की टीम को भी बुलाया. FSL की टीम ने भलस्वा डेयरी के उस घर से खून के कुछ नमूने लिए. छापेमारी के दौरान मौके से हथियार भी मिले. दिल्ली पुलिस की जांच में पता चला है कि जगजीत सिंह विदेश में बैठे खालिस्तानी हैंडलर के संपर्क में था. उसने नौशाद के साथ मिलकर इस घर में किसी की हत्या की थी.

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