
कभी स्टार, फिर गुमनाम, अब तूफान! क्या 'सहवाग टच' वाली इस पारी से टीम इंडिया में वापसी करेंगे पृथ्वी शॉ?
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करीब 20 महीने बाद पृथ्वी शॉ का बल्ला फिर गरजा... रणजी ट्रॉफी में ऐसी पारी आई जिसने सबको याद दिला दिया कि ये नाम अभी खत्म नहीं हुआ है. फरवरी 2024 में मुंबई के लिए आखिरी शतक के बाद चुप रहे शॉ ने अब महाराष्ट्र की ओर से चंडीगढ़ के खिलाफ सिर्फ 141 गेंदों में दोहरा शतक जड़कर धमाकेदार वापसी की.
सुबह की हल्की धूप, ठंडी हवा और रणजी ट्रॉफी का एक आम-सा दिन. लेकिन उस दिन चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्टेडियम में कुछ असाधारण हुआ. वहां एक करियर फिर से जन्म ले रहा था- एक खिलाड़ी, जिसे दुनिया ने लगभग भुला दिया था, खुद को फिर से पहचान दिलाने उतरा था.
पृथ्वी शॉ, वह नाम जो कभी भारतीय क्रिकेट का भविष्य कहा जाता था, लंबे समय से गुमनामी के अंधेरे में था. फिटनेस पर सवाल उठे, अनुशासन पर चर्चा हुई, फॉर्म बिगड़ी... और फिर सब कुछ धीरे-धीरे छिनता चला गया. मुंबई टीम से बाहर होना, आईपीएल 2025 की नीलामी में कोई खरीदार न मिलना, सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की बाढ़- सबने मिलकर ऐसा लगा मानो उसकी कहानी अब खत्म हो चुकी है.
लेकिन सोमवार की सुबह, उसी रणजी ट्रॉफी में, उसी बल्ले से पृथ्वी शॉ ने सबको याद दिला दिया कि आग अभी बाकी है. राख के नीचे दबा यह सूरज अब फिर से चमकने को तैयार था.
महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए पृथ्वी शॉ ने जो किया, वह सिर्फ रन नहीं थे- वह आत्मविश्वास और पुनर्जन्म की गाथा थी. चंडीगढ़ के खिलाफ पहली पारी में सिर्फ 8 रन पर आउट होने के बाद सबको लगा कि कहानी फिर उसी ढर्रे पर जाएगी. लेकिन वह दूसरी पारी में बल्लेबाजी के लिए उतरा, तो उसकी आंखों में एक अलग चमक थी. वह बल्लेबाज नहीं, एक मिशन लेकर मैदान में उतरा था.
करीब 20 महीने बाद ऐसी पारी आई जिसने सबको याद दिला दिया कि यह नाम अभी खत्म नहीं हुआ है. फरवरी 2024 में मुंबई के लिए आखिरी शतक के बाद चुप रहे पृथ्वी शॉ ने ऐसी डबल सेंचुरी जड़ी कि उनके प्रशंसको की उम्मीदों का ग्राफ फिर ऊपर चढ़ आया है. तो क्या पृथ्वी शॉ वापसी की तैयारी में हैं..? उनकी हालिया पारी ने पुराने दिनों की याद दिला दी- वही आक्रामक अंदाज, वही बिंदास शॉट्स, और वही ‘सहवाग वाला टच’. अब सवाल यही है कि क्या यह पारी पृथ्वी शॉ की टीम इंडिया में वापसी का दरवाजा खोल सकती है?
Watch 📽 Maharashtra's Prithvi Shaw smashed a 141-ball double hundred which is the third fastest in Ranji Trophy history 👏 His marathon knock of 222(156) came against Chandigarh 🙌@IDFCFIRSTBank | #RanjiTrophy | @PrithviShaw pic.twitter.com/Uz8styZBVz

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