
कतर: स्कूल बस में सोती रह गई, लॉक रहने से भारतीय बच्ची की हुई मौत, मचा हड़कंप
AajTak
कतर में एक चार साल की बच्ची की स्कूल बस में संदिग्ध हालात में मौत हो गई. उस समय बस में बच्ची अकेली थी. शुरुआती जांच में बताया जा रहा है कि दम घुटने की वजह से बच्ची की मौत हुई है. कतर सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं.
कतर की राजधानी दोहा में मलयाली परिवार से ताल्लुक रखने वाली चार साल की एक बच्ची की स्कूल बस में संदिग्ध अवस्था में मौत हो गई. उस समय स्कूल बस में बच्ची अकेली थी. प्रारंभिक जांच के बाद ऐसा माना जा रहा है कि बस में बहुत ज्यादा गर्मी होने के बाद दम घुटने से बच्ची की मौत हुई है. कतर सरकार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं.
मृतका की पहचान चार साल की मिनसा मरियम जैकब के नाम से की गई है, जो स्प्रींगफील्ड स्कूल में एलकेजी-1 की छात्रा थी. मरियम के पिता अभिलाष चाको और सौम्या केरल के कोट्टयम के चिंगावनम के मूल निवासी हैं.
बस में सो गई थी बच्ची रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना से पहले रविवार के दिन मिनसा स्कूल जाने के लिए स्कूल बस में बैठी और वहीं सो गई. स्कूल पहुंचकर सभी बच्चे उस में से उतर गए, लेकिन मरियम उसमें सोती रह गई. स्टाफ ने बस को पार्किंग में खड़ा करने के बाद उसे लॉक कर दिया.
दोपहर जब बच्चों की छुट्टी हुई तो बस में स्टाफ के लोगों ने बच्ची को बेहोशी की हालत में देखा. आनन-फानन में बच्ची को नजदीकी अस्पताल अल वकर में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बचाई जा सकी. बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के बाद परिवार को सौंप दिया जाएगा, जिसके बाद परिवार शव के साथ केरल के लिए निकल जाएगा.
स्कूल बस में अचानक बच्ची की मौत होने के बाद कतर के शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है. मिनिस्ट्री ऑफ एजुकेशन एंड हायर एजुकेशन, दोहा की ओर से इस मामले की जांच शुरू कर दी गई है. मंत्रालय ने ट्वीट करते हुए बच्ची की मौत पर शोक जताया. इसके साथ कहा कि इस मामले में जरूरी कदम उठाए जाएंगे.
The ministry also affirms its keenness to adhere to the highest quality of security and safety standards for its students, and will not tolerate any shortcomings in this regard. It extends its sincerest condolences to the family of the deceased student.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.










