
उद्धव, शंकराचार्य, राहुल गांधी से लेकर किसान आंदोलन तक... कंगना के किन-किन बयानों पर हुआ विवाद
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यह पहली बार नहीं है, जब कंगना अपने बयानों को लेकर विवादों में हैं. कंगना रनौत के ताजा बयान को लेकर भारतीय जनता पार्टी को बाकायदा प्रेस रिलीज जारी करनी पड़ी. बीजेपी ने कहा, 'कंगना का बयान, बीजेपी का बयान नहीं है. बीजेपी कंगना रनौत के बयान से असहमति व्यक्त करती है.'
हिंदी सिनेमा की एक्ट्रेस और हिमाचल की मंडी लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) सांसद कंगना रनौत (Kangana Ranaut) खुद के बयानों को लेकर आए दिन सुर्खियों में रहती हैं. उनके बयान को लेकर मनोरंजन से लेकर सियासी दुनिया तक कई बार विवाद हो छिड़ चुका है. वो देश के कई बड़े चेहरों पर आरोप भी लगा चुकी हैं. कंगना रनौत ने एक बार फिर से किसानों पर विवादित बयान दिया है, जिसके बाद सियासी गलियारों में बहस शुरू हो गई.
इस बार कंगना रनौत के बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी को बाकायदा प्रेस रिलीज जारी करनी पड़ी. पार्टी ने कहा, 'कंगना का बयान, बीजेपी का बयान नहीं है. बीजेपी कंगना रनौत के बयान से असहमति व्यक्त करती है. पार्टी की ओर से, पार्टी के नीतिगत विषयों पर बोलने के लिए कंगना रनौत को न तो अनुमति है और न ही वे बयान देने के लिए अधिकृत हैं. बीजेपी की ओर से कंगना रनौत को निर्देशित किया गया है कि वे इस प्रकार के कोई बयान भविष्य में न दें."
किसान आंदोलन पर विवाद बयान
कंगना रनौत ने केंद्र सरकार द्वारा लाए गए तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ हुए किसान आंदोलन के दौरान पंजाब की 80 साल की एक बुजुर्ग महिला किसान की गलत पहचान करते हुए उन्हें बिलकिस बानो कहा था. कंगना के द्वारा सोशल मीडिया पोस्ट में एक बुजुर्ग महिला दिखाई दे रही थीं, जो भले ही झुककर चल रही थीं, लेकिन उन्होंने किसान आंदोलन का झंडा बुलंद किए हुए था. उनका नाम मोहिंदर कौर था.
कंगना ने मोहिंदर कौर की तस्वीर को ट्वीट करते हुए लिखा था, ''हा हा...ये वही दादी हैं जिन्हें टाइम मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली व्यक्तियों की लिस्ट में शामिल किया गया था और ये 100 रुपये में उपलब्ध हैं."
हालांकि कंगना रनौत ने बाद में ये ट्वीट डिलीट कर दिया था. बता दें कि कंगना ने जिस बिलकिस बानो का जिक्र किया था, वह 82 साल की बुजुर्ग महिला हैं और उन्होंने दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में CAA प्रोटेस्ट के दौरान अंतरराष्ट्रीय सुर्खियां बटोरी थीं.

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