
उड़ते प्लेन में ऑक्सीजन सप्लाई बंद, फैली 'जहरीली' गैस, इंटरनेशनल खिलाड़ियों की अटकी सांसें, फिर क्या हुआ?
AajTak
अगर किसी प्लेन में ऑक्सीजन की सप्लाई अचानक बंद हो जाए तो क्या होगा, ऐसा हुआ कुछ इंटरनेशनल खिलाड़ियों के साथ हुआ, जब प्लेन में ऑक्सीजन की सप्लाई बंद हो गई. इसके बाद प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ गई.
इंटरनेशनल खिलाड़ियों की सांसें अचानक प्लेन में यात्रा के दौरान अटक गईं. दरअसल, इस यात्रा के दौरान प्लेन में ऑक्सीजन की सप्लाई अचानक बंद हो गई. इस कारण प्लेन में कुछ देर के लिए अफरातफरी मच गई. इसके बाद प्लेन के पायलट ने धैर्य नहीं खोया और प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग करवानी पड़ गई.
गाम्बिया (Gambia) की फुटबॉल टीम (Gambia's national soccer team) के साथ यह पूरा माजरा घटित हुआ. अफ्रीका कप ऑफ नेशंस टूर्नामेंट (Africa Cup of Nations tournament) में हिस्सा लेने के के लिए गाम्बियाई टीम प्लेन में सफर कर रही थी. तभी उड़ान के दौरान गाम्बिया की नेशनल फुटबॉल टीम को ले जा रहे प्लेन में अचानक ऑक्सीजन की कमी हो गई, इस कारण प्लेन की इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी.
गाम्बिया फुटबॉल फेडरेशन की ओर बयान भी आया, जिसमें कहा गया कि बुधवार को एक चार्टर्ड प्लेन नौ मिनट तक हवा में रहने के बाद राजधानी बंजुल लौट आया. दरअसल, जब चालक दल को प्लेन में तकनीकी समस्याओं का एहसास हुआ था.
फेडरेशन ने आगे कहा, 'लैंडिंग के बाद शुरुआती जांच से पता चला कि केबिन प्रेशर और ऑक्सीजन की कमी हो गई थी. फ्लाइट का परिचालन करने वाली ऑपरेटिंग कंपनी एयर कोटे डी आइवर (Air Cote d’Ivoire) अब इस बात का पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऑक्सीजन की कमी और केबिन प्रेशर में कमी का कारण क्या था.'
दरअसल, गाम्बिया के फुटबॉलर्स आइवरी कोस्ट में आयोजित होने वाले अफ्रीका कप टूर्नामेंट में हिस्सा लेने जा रहे थे, जिसकी शुरुआत 13 जनवरी से है. यह द्विवार्षिक टूर्नामेंट का 34वां संस्करण है, जो पिछले साल जून और जुलाई में खेला जाना था लेकिन आइवरी कोस्ट में बरसात के मौसम से बचने के लिए इसे स्थगित कर दिया गया था.
बाल-बाल बची जान, प्लेन में फैली जहरील गैस

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.










