
ईरान में महसा अमिनी के बाद पुलिस हिरासत में एक और मौत, 19 साल के युवक को पीट-पीटकर मार डाला
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ईरान में महसा अमिनी की मौत के बाद अब 19 साल के शेफ महर्शाद शाहिदी की पुलिस हिरासत में पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है. सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए शाहिदी को 25 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था. जानकारी के मुताबिक शाहिदी को डंडों से पीटा गया था और ईरानी सुरक्षा बलों ने उन्हें अधमरा छोड़ दिया था.
ईरान में महसा अमिनी के बाद एक और शख्स की पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है. जानकारी के मुताबिक ईरान के सेलिब्रिटी शेफ महर्शाद शाहिदी को कथित तौर पर पुलिस हिरासत में पीट-पीटकर मार डाला गया. शेफ महर्शाद को 'ईरान के जेमी ओलिवर' के रूप में भी जाना जाता था. 19 साल के महर्शाद को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा तब तक पीटा गया तक तक उनकी जान न चली जाए. इस घटना के बाद लोगों में जबर्दस्त आक्रोश है. दरअसल, सरकार विरोधी प्रदर्शनों में हिस्सा लेने के लिए शाहिदी को 25 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था. 29 अक्टूबर को उनकी हत्या हो गई. उनकी मौत और अंतिम संस्कार के बाद ईरान में सरकार के खिलाफ लोगों ने प्रदर्शन किया. एक विरोध मार्च भी निकाला गया. इसमें हजारों लोग शामिल हुए.
यह घटना ईरान के अराक इलाके में हुई है. जहां सैकड़ों लोग महसा अमिनी की हिरासत में मौत के खिलाफ मार्च कर रहे थे. दरअसल, महसा को हिजाब नहीं पहनने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. रिपोर्टों के अनुसार शाहिदी को डंडों से पीटा गया था और ईरानी सुरक्षा बलों ने उन्हें अधमरा छोड़ दिया था. शाहिदी के सिर में गंभीर चोटें आईं थी. पूरा शरीर खून से लथपथ था.
ईरानी समाचार एजेंसी के मुताबिक शाहिदी के माता-पिता के हवाले से कहा गया है कि हमारे बेटे को गिरफ्तार किया गया था. इसके बाद उसे जमकर पीटा गया था. उसके सिर पर लाठी मारी गई थी. इसके चलते शाहिदी की मौत हो गई थी. लेकिन हम पर शासन द्वारा यह कहने का दबाव रहा है कि शाहिदी की मौत दिल का दौरा पड़ने से हुई है.
एक्सपर्ट्स के मुताबिक ईरान में पुलिस हिरासत में मौत के इस मामले के बाद फिर से गंभीर विरोध हो सकता है. जनता सड़क पर उतर सकती है. हाल ही में महसा अमिनी की मौत के बाद भारी हंगामा हुआ था, जिसे पूरी दुनिया ने देखा. इतना ही नहीं, दुनियाभर से इस घटना का विरोध भी किया गया था. 16 सितंबर को ईरान की पुलिस द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बाद हिरासत में अमिनी की मौत हो गई थी. उसे ईरानी अधिकारियों ने हिजाब नहीं पहनने पर पकड़ा था. हालांकि इन दोनों घटनाओं पर ईरान के अधिकारियों का कहना है कि महसा अमिनी और शाहिदी की मौत नेचुरल थी.
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