
'इजरायल को 70 साल पीछे धकेल दिया...', 7 अक्टूबर हमले की बरसी पर बोले ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई
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पिछले साल इजरायल हमले के बाद हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी गाजी अहमद ने कहा था कि इजरायल का नामोनिशान मिटने तक हम चैन से नहीं बैठेंगे. उन्होंने कहा कि इजरायल एक ऐसा देश है, जिसका हमारी जमीन पर कोई स्थान नहीं है. हम इस देश का खात्मा करना होगा क्योंकि इससे अरब और इस्लामिक देशों को खतरा है. हमें यह कहने में कोई शर्म नहीं है कि हम पूरी ताकत से फिर हमला करेंगे.
आज से ठीक एक साल पहले 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल के म्यूजिक फेस्टिवल में जमा भीड़ पर बर्बर हमला कर दिया था. बड़ी संख्या में लोगों का कत्लेआम किया गया और हमास ने कईयों को बंधक बना लिया. इस मौके पर ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई ने प्रतिक्रिया दी है.
खामेनेई ने कहा कि ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड ने यहूदी शासन को 70 साल पीछे धकेल दिया है. इजरायल ने 10 दिन के राष्ट्रीय शोक का ऐलान किया है. इस हमले में 1200 से अधिक इजरायलियों की मौत हो गई थी जबकि हमास ने 250 से ज्यादा लोगों को बंधक बना लिया था. हमास ने इस हमले को ऑपरेशन अल-अक्सा फ्लड नाम दिया था.
उस समय हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी गाजी अहमद ने कहा था कि इजरायल का नामोनिशान मिटने तक हम चैन से नहीं बैठेंगे. उन्होंने कहा कि इजरायल एक ऐसा देश है, जिसका हमारी जमीन पर कोई स्थान नहीं है. हम इस देश का खात्मा करना होगा क्योंकि इससे अरब और इस्लामिक देशों को खतरा है. हमें यह कहने में कोई शर्म नहीं है कि हम पूरी ताकत से फिर हमला करेंगे.
उन्होंने इजरायल के अस्तित्व पर सवाल उठाते हुए कहा था कि इजरायल का अस्तित्व फिलिस्तीनी नागरिकों के लिए पीड़ा का कारण है. सात अक्टूबर का हमला तो सिर्फ शुरुआत है. हम दूसरा, तीसरा और चौथा हमला भी करेंगे क्योंकि हमारे पास इच्छाशक्ति है और लड़ने की क्षमता है. हम शहीद होने के लिए तैयार हैं क्योंकि हम शहीदों के देश के तौर पर जाने जाते हैं. हम नागरिकों को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहते लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ जटिलताएं हैं.
उन्होंने कहा कि हम इजरायल का खात्मा होने तक बार-बार सात अक्टूबर जैसा हमला दोहराएंगे. हम पीड़ित हैं. हम जो करते हैं, वह न्यायसंगत है.
7 अक्टूबर से जारी है जंग

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