
इजरायल के हाइफा में हिज्बुल्लाह का अटैक, रॉकेट हमले में 10 लोग घायल
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सोमवार को इजरायल के तीसरे सबसे बड़े शहर हाइफा में हिज्बुल्लाह के रॉकेट्स हमले में करीब 10 लोगों के घायल होने की खबर है. हिज्बुल्लाह ने कहा कि उसने हाइफा के दक्षिणी इलाके में एक सैन्य अड्डे को मिसाइलों के जरिए निशाना बनाया.
इजरायल (Israel) की पुलिस ने सोमवार को बताया कि हिज्बुल्लाह के रॉकेट्स ने इजरायल के तीसरे सबसे बड़े शहर हाइफा (Haifa) पर हमला किया. इजरायली मीडिया ने बताया कि देश के उत्तरी हिस्से में 10 लोग घायल हो गए. वहीं, हिज्बुल्लाह ने कहा कि उसने हाइफा के दक्षिणी इलाके में एक सैन्य अड्डे को 'फादी 1' मिसाइलों से निशाना बनाया. मीडिया रिपोर्ट् के मुताबिक, दो रॉकेट्स हाइफा पर गिरे हैं.
पुलिस ने कहा कि कुछ इमारतों और संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है और कई लोगों के मामूली रूप से घायल होने की खबरें हैं. घायल लोगों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया है.
हाइफा क्षेत्र की ओर दागे गए रॉकेट्स के सिलसिले में इजरायल पुलिस की तरफ से जारी किए गए बयान में कहा गया कि अधिकारी और पुलिस बम निरोधक एक्सपर्ट्स कई जगहों पर जाकर रॉकेट्स से निकले मलबे की जांच कर रहे हैं. कुछ इमारतों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें मामूली चोटें आने की खबरें हैं. पुलिस ने कहा कि हम लोगों को सलाह दे रहे हैं कि वे हमले वाली जगहों से दूर रहें और किसी भी मलबे को न छुएं. 100 नंबर पर पुलिस हॉटलाइन पर रिपोर्ट करें, सुरक्षा दिशा-निर्देशों का पालन करने से जान बचती है.
इससे पहले हाइफा शहर के ऊपर आयरन डोम के एक्टिव होने की जानकारी सामने आई थी. स्थानीय समयानुसार रात 11:25 बजे हाइफा के ऊपर कई हवाई हमले के सायरन बजे. शहर के ऊपर आने वाले रॉकेट को खत्म करने के लिए आयरन डोम एक्टिव किए गए.
बेरूत में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला
इजरायल ने 7 अक्टूबर को हुए हमलों की एक साल की सालगिरह से पहले रविवार को लेबनान और गाजा पट्टी में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर बमबारी की. इजरायल की सेना ने कहा कि उसके लड़ाकू विमानों ने बेरूत में हिज्बुल्लाह के खुफिया मुख्यालय से संबंधित टारगेट्स को निशाना बनाया, जिसमें खुफिया जानकारी जुटाने के साधन, कमांड सेंटर और अतिरिक्त बुनियादी ढांचा स्थल शामिल हैं. सेना ने कहा कि पिछले कुछ घंटों में, हवाई हमलों ने बेरूत के इलाके में हिज्बुल्लाह के हथियार स्टोरेज फेसिलिटीज को निशाना बनाया गया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.

ईरान लगातार इजरायल को निशाना बना रहा है. यरुशलम में ईरान के हमले की आशंका को लेकर सायरन बजे. आनन-फानन में लोग बम शेल्टर की ओर भागे. ये सायरन ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी देते हैं. हमसे ले पहले कुछ मिनटों का ही समय होता है जिसमें इजरायली नागरिक अपने करीबी बम शेल्टर में तब तक शरण लेते हैं जब तक कि खतरा टल न जाए. देखें वीडियो.

ईरान ने दावा किया है कि उसकी नेवी के एयर डिफेंस ने दो अमेरिकी ड्रोन मार गिराए. ईरान की स्टेट मीडिया के मुताबिक ये दोनों सुसाइड ड्रोन कथित तौर पर अमेरिकी सेना के थे. ईरान की सेना के मुताबिक ड्रोन का पता लगाया गया, उसे ट्रैक किया गया और इससे पहले कि वो बंदर अब्बास नौसैनिक बेस को निशाना बनाते, उन्हें मार गिराया गया. देखें वीडियो.

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