
इजरायली पोर्ट से ट्रेड करने वाली कंपनियों को हूतियों की चेतावनी, बोले- अगर नजरअंदाज किया तो जहाजों पर होंगे हमले
AajTak
हूती विद्रोहियों ने इजरायली पोर्ट से व्यापार करने वाली कंपनियों को चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि वो इजरायली पोर्ट के साथ व्यापार करने वाली कंपनियों के जहाजों को निशाना बनाएंगे, चाहे वह किसी भी देश के जहाज क्यों न हों.
यमन के हूती विद्रोहियों ने रविवार को घोषणा की कि वह इजरायली बंदरगाहों के साथ व्यापार करने वाली कंपनियों के जहाजों को निशाना बनाएंगे, चाहे वह किसी भी देश के जहाज क्यों न हों. ये इजरायल के खिलाफ उनके (हूती) सैन्य अभियान का चौथा फेज है.
हूती के प्रवक्ता ने एक टीवी पर बयान जारी कर इजरायली बंदरगाहों के साथ व्यापार करने वाली कंपनियों को चेतावनी दी और कहा कि अगर कंपनियां उनकी इस धमकी को नजरअंदाज करेंगी तो जहाजों पर हमला किया जाएगा. चाहे वह किसी भी देश के लिए जा रहे हो.
गाजा पर हमले रोके इजरायल: यमन
उन्होंने कहा, 'यमन के सशस्त्र बल सभी देशों से आह्वान करते हैं कि अगर वे इस तनाव को टालना चाहते हैं तो इजरायल पर दबाव डालें कि वह अपने हमलों को रोके और गाजा पट्टी पर लगाए गए नाकाबंदी को हटाए.'
मिडिल ईस्ट में और बढ़ेगा तनाव
हूतियों की इस नई धमकी से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है और इंटरनेशनल सी-ट्रेड पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है. वैश्विक समुदाय अब इस स्थिति पर नजर रखे हुए है, क्योंकि ये मिडिल ईस्ट में पहले से ही उलझी हुई कूटनीति को और ज्यादा उलझा सकती है.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार करने के बाद अब डोनाल्ड ट्रंप की नजरें ग्रीनलैंड पर हैं. उनका तर्क है कि सुरक्षा वजहों से अमेरिका के पास ग्रीनलैंड होना ही चाहिए. ट्रंपियन जिद से चर्चा में आया देश कुछ साल पहले भी चर्चा में था, जब वहां की टीनएज लड़कियों पर चुपके से हुए प्रयोग की पोल खुली थी.

वेनेजुएला के मौजूदा संकट को देखते संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की सोमवार को इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई. जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप के एक्शन को लेकर चिंता ज़ाहिर की गई. वहीं डेमोक्रेट्स नेता समेत कोलंबिया, रूस, चीन और तुर्किए ने कड़े शब्दों में निंदा की है और कार्रवाई को गैर कानूनी बताया. देखें दुनिया आजतक.

अमेरिका के मैरीलैंड में रहने वाली भारतीय मूल की निकिता राव गोदिशाला की हत्या का मामला सामने आया है. निकिता एक प्रतिभाशाली डेटा एनालिस्ट थीं जिन्हें हाल ही में कंपनी से सम्मान मिला. उनकी हत्या उनके पूर्व बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा ने की, जिसने वारदात के बाद भारत भागना चुना. पुलिस ने अर्जुन शर्मा के खिलाफ फर्स्ट और सेकेंड डिग्री मर्डर के आरोप में वारंट जारी किया है.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठाने के बाद अमेरिका ने खुल्लम खुल्ला ऐलान कर दिया है कि वो अपने इलाके में किसी नहीं चलने देगा. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत ने स्पष्ट कहा है कि आप वेनेजुएला को ईरान, हिज़्बुल्लाह, गैंग्स, क्यूबा के इंटेलिजेंस एजेंट्स और उस देश को कंट्रोल करने वाले दूसरे बुरे लोगों के लिए ऑपरेटिंग हब नहीं बना सकते. US का ये बयान चीन और रूस को साफ संदेश है.

अमेरिकी सेना ने सैन्य ऑपरेशन चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. डोनाल्ड ट्रंप का आरोप है कि मादुरो सरकार की शह पर उनके देश तक नशे की सप्लाई हो रही थी. वेनेजुएला पर अटैक के बाद आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका कई और देशों पर हमलावर हो सकता है. क्यूबा का नाम इसमें टॉप पर है.

ईरान में 10 दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन देश के 78 से अधिक शहरों में फैल चुके हैं. इन प्रदर्शनों में अब तक 35 लोग मारे गए हैं और 1,200 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं. प्रदर्शन की शुरुआत आर्थिक संकट, मुद्रा की गिरावट और बढ़ती महंगाई के खिलाफ हुई थी, लेकिन अब यह खामेनेई शासन के खिलाफ व्यापक असंतोष में बदल गया है.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति भवन 'मिराफ्लोरेस पैलेस' के पास सोमवार रात भारी गोलीबारी से हड़कंप मच गया. अज्ञात ड्रोनों के महल के ऊपर मंडराने के बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और हवा में फायरिंग की. यह घटना पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और डेलसी रोड्रिगेज के अंतरिम राष्ट्रपति बनने के ठीक बाद हुई है.

निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएल पर अमेरिकी दबाव थमने का नाम नहीं ले रहा. अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीधे उप राष्ट्रपति डेल्सी को निशाने पर ले लिया है. ट्रंप ने कहा है कि अगर डेल्सी ने अमेरिका की शर्तें नहीं मानी तो अंजाम मादुरो से ज्यादा बुरा होगा. ट्रंप ने अमेरिकी मैग्जीन The Atlantic को दिए फोन इंटरव्यू में कहा कि अगर डेल्सी वो नहीं करती हैं जो अमेरिका वेनेजुएला के लिए सही मनता है तो उन्हें बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है. इस हाई-प्रोफाइल सैन्य कार्रवाई के पीछे अपनों का विश्वासघात और कूटनीतिक सौदेबाजी की छिपी हुई थ्योरी सामने आ रही है. बताया जा रहा है कि मादुरो को चीन, रूस और ईरान जैसे दोस्तों के साथ-साथ उनके अपने सुरक्षाकर्मी ने भी धोखा दिया.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति भवन 'मिराफ्लोरेस पैलेस' के पास सोमवार रात भारी गोलीबारी से हड़कंप मच गया. अज्ञात ड्रोनों के महल के ऊपर मंडराने के बाद सुरक्षा बलों ने मोर्चा संभाला और हवा में फायरिंग की. यह घटना पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी और डेलसी रोड्रिगेज के अंतरिम राष्ट्रपति बनने के ठीक बाद हुई है.



