
अमेरिका में भारतीय मूल की युवती की हत्या, पूर्व बॉयफ्रेंड फरार होकर भारत पहुंचा
AajTak
अमेरिका के मैरीलैंड में रहने वाली भारतीय मूल की निकिता राव गोदिशाला की हत्या का मामला सामने आया है. निकिता एक प्रतिभाशाली डेटा एनालिस्ट थीं जिन्हें हाल ही में कंपनी से सम्मान मिला. उनकी हत्या उनके पूर्व बॉयफ्रेंड अर्जुन शर्मा ने की, जिसने वारदात के बाद भारत भागना चुना. पुलिस ने अर्जुन शर्मा के खिलाफ फर्स्ट और सेकेंड डिग्री मर्डर के आरोप में वारंट जारी किया है.

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान इस कदर खौफ में था कि उसे किसी तरह भी इस जंग को रुकवाना था. इसके लिए पाकिस्तान राष्ट्रपति ट्रंप के एक पूर्व बॉडीगार्ड तक के पास चला गया था. ट्रंप का ये बॉडीगार्ड कीथ शिलर अमेरिका में लॉबिंग फर्म चलाता है. इसके अलावा पाकिस्तान ने अमेरिका के कई दूसरे लॉबिंग फर्मों की सेवा ली और 45 करोड़ खर्च किए.

उत्तरी ध्रुव के नजदीक मौजूद ग्रीनलैंड की पहचान दुनिया के सबसे बड़े द्वीप के रूप में रही है. डेनमार्क के अधीन इस द्वीप पर सिर्फ 56 हजार लोग रहते हैं, उसमें से भी 18 हजार राजधानी न्यूक में. लेकिन, बर्फ से ढंका ग्रीनलैंड अब डोनाल्ड ट्रंप की नजरों में चढ़ गया है. और इस पर कब्जे की आशंका ने NATO को खतरे में डाल दिया है.

वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने अमेरिकी कोर्ट में पेशी के दौरान कहा है कि मैं अब भी वेनेजुएला का राष्ट्रपति हूं और मैंने कोई गलती नहीं की है. हथकड़ी बंधे में मादुरो को भारी सुरक्षा के बीच कोर्ट ले जाया गया. अदालत में सुनवाई के दौरान मादुरो ने जो बातें कही हैं वो संभवतः अमेरिका की चुनौतियों को बढ़ा सकती हैं.

अमेरिका, जो लोकतंत्र, शांति और मानव अधिकारों का हमेशा से समर्थन करता रहा है, उसने संयुक्त राष्ट्र जैसी महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय संस्था को मजाक का पात्र बना दिया है. संयुक्त राष्ट्र के यूएन चार्टर के अनुसार, सभी देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करना जरूरी है और किसी भी देश को दूसरे देश के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए. लेकिन अमेरिका ने इस संवैधानिक नियम की अनदेखी करते हुए संयुक्त राष्ट्र के सिद्धांतों की जमकर अवहेलना की है. इससे वैश्विक सद्भाव और विश्व राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ा है. ऐसे कारनामे लोकतंत्र और अंतर्राष्ट्रीय कानून की मूल अवधारणाओं के खिलाफ हैं और समुचित सम्मान और नियमों का पालन आवश्यक है.

पांच जनवरी को वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को लोर मैनहैटन की अदालत में पेश किया गया. उस समय उनके हाथों को हथकड़ी से बांधा गया था और अमेरिकी सेना के जवान उन्हें एक बख्तरबंद गाड़ी की तरफ ले जा रहे थे. मादुरो 2013 से वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति हैं और उन्हें कभी नहीं लगा होगा कि किसी दूसरे देश में उन्हें अपराधी की तरह पेश किया जाएगा और उनकी यह स्थिति बनेगी.

फेमस जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट इयान ब्रेमर (Ian Bremmer) ने खास बातचीत में अमेरिका के वेनेजुएला ऑपरेशन को लेकर चेतावनी जारी की. इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में ब्रेमर ने कहा कि 3 जनवरी को कराकस में हुआ यह ऑपरेशन उस दौर को दर्शाता है, जिसे वह 'G-Zero वर्ल्ड' यानी वैश्विक नेतृत्व विहीन दुनिया कहते हैं.







