
'ये गोलार्द्ध हमारा इलाका, नहीं चलने देंगे किसी का दबदबा...', मादुरो पर अमेरिका ने चीन-रूस को दिखाई आंख
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वेनेजुएला के राष्ट्रपति को उठाने के बाद अमेरिका ने खुल्लम खुल्ला ऐलान कर दिया है कि वो अपने इलाके में किसी नहीं चलने देगा. संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत ने स्पष्ट कहा है कि आप वेनेजुएला को ईरान, हिज़्बुल्लाह, गैंग्स, क्यूबा के इंटेलिजेंस एजेंट्स और उस देश को कंट्रोल करने वाले दूसरे बुरे लोगों के लिए ऑपरेटिंग हब नहीं बना सकते. US का ये बयान चीन और रूस को साफ संदेश है.
वेनेजुएला से टकराव के बीच संयुक्त राष्ट्र में अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज ने स्पष्ट कहा है कि पृथ्वी का पश्चिमी गोलार्द्ध हमारा इलाका है और अमेरिका इस क्षेत्र में किसी की दादागीरी नहीं चलने देगा. राजदूत माइक वाल्ट्ज ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर वेनेजुएला में हुए अमेरिकी ऑपरेशन की जानकारी देते हुए ऐसा कहा.माइक वाल्टज ने साफ साफ कहा कि हम पश्चिमी गोलार्ध को अपने देश के दुश्मनों, हमारे कॉम्पीटिटर और संयुक्त राज्य अमेरिका के प्रतिद्वंद्वियों के लिए ऑपरेशन के बेस के तौर पर इस्तेमाल नहीं होने देंगे.
संयुक्त राज्य अमेरिका का ये मैसेज रूस और चीन के लिए स्पष्ट संदेश है, जो देश व्यापारिक संबंधों के तहत वेनेजुएला से अपने संबंध ठीक कर रहे थे.
यूएन में अमेरिका के राजदूत माइक वाल्ट्ज ये बयान दे रहे थे उसी वक्त संयुक्त राष्ट्र में बैठे वेनेजुएला के राजदूत गुस्से से उबल रहे थे. अमेरिका ने अपने ऑपरेशन के बारे में क्या क्या बताया. ये बताने से पहले पश्चिमी गोलार्द्ध क्या है इसे समझना जरूरी है.
पश्चिमी गोलार्द्ध क्या है
पश्चिमी गोलार्ध पृथ्वी का वह आधा भाग है जो प्राइम मेरिडियन (0° देशांतर, जो ग्रीनविच से गुजरती है) के पश्चिम में और 180° देशांतर के पूर्व में स्थित है. सामान्य भाषा में कहें तो यह पृथ्वी को दो भागों में, पूर्वी और पश्चिमी गोलार्ध में विभाजित करने का भौगोलिक तरीका है.
इस हिस्से में मुख्य रूप से उत्तरी अमेरिका और दक्षिणी अमेरिका और आसपास के महासागर इस गोलार्ध में आते हैं. इसमें पूरे नॉर्थ अमेरिका (कनाडा, अमेरिका, मैक्सिको आदि) और साउथ अमेरिका (ब्राजील, अर्जेंटीना, चिली आदि) के देश शामिल हैं.

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फेमस जियो पॉलिटिकल एक्सपर्ट इयान ब्रेमर (Ian Bremmer) ने खास बातचीत में अमेरिका के वेनेजुएला ऑपरेशन को लेकर चेतावनी जारी की. इंडिया टुडे को दिए एक इंटरव्यू में ब्रेमर ने कहा कि 3 जनवरी को कराकस में हुआ यह ऑपरेशन उस दौर को दर्शाता है, जिसे वह 'G-Zero वर्ल्ड' यानी वैश्विक नेतृत्व विहीन दुनिया कहते हैं.







