
वेनेजुएला के बाद आ सकती है क्यूबा की बारी, 90 गुना छोटे देश में अमेरिका की क्यों है दिलचस्पी?
AajTak
अमेरिकी सेना ने सैन्य ऑपरेशन चलाकर वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. डोनाल्ड ट्रंप का आरोप है कि मादुरो सरकार की शह पर उनके देश तक नशे की सप्लाई हो रही थी. वेनेजुएला पर अटैक के बाद आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका कई और देशों पर हमलावर हो सकता है. क्यूबा का नाम इसमें टॉप पर है.
अमेरिका की दुश्मनी रूस या चीन या भारत जैसे बड़े देशों तक सीमित नहीं, वो भौगोलिक और सैन्य तौर पर कमजोर देशों के लिए भी उतना ही उग्र है. खासकर अपने पड़ोसी मुल्कों पर वो कड़ी नजर रखता है कि कोई भी उसकी विचारधारा से अलग न लगे. अब वेनेजुएला पर हमले के बाद अमेरिकी प्रशासन दबे सुर में कई और देशों को चेता रहा है. क्यूबा इनमें से एक है. कैरेबियन सागर में स्थित ये देश हर तरह से कमजोर है, लेकिन यूएस दशकों से इसके पीछे पड़ा रहा.
लैटिन अमेरिकी देश क्यूबा की अमेरिकी स्टेट फ्लोरिडा से दूरी महज डेढ़ सौ किलोमीटर है. इतनी कम समुद्री दूरी की वजह से यह यूएस का सबसे नजदीकी कैरेबियन पड़ोसी रहा. ऐसे में होना तो ये था कि दोनों अच्छे पड़ोसियों की तरह मिल-जुलकर रहते लेकिन हुआ कुछ और. दोनों के बीच तलवारें खिंच गईं और दशकों से यही स्थिति है. यहां तक कि अमेरिका ताक में है कि कब वो क्यूबा पर बाहरी ही सही, अपना कंट्रोल पा सके.
पहले दोनों के बीच दोस्ताना था
इनकी मित्रता किसी कहानी से कम नहीं. इसकी शुरुआत 19वीं सदी के आखिर में हुई, जब अमेरिका खुद को आजादी दिलाने वाला मसीहा बताकर कैरेबियन में उतरा. स्पेन से लड़ाई में अमेरिका जीत गया और क्यूबा स्पेनिश कब्जे से निकल गया.
इसके बाद से सालों तक अमेरिका इस पड़ोसी का बड़ा आर्थिक और राजनीतिक साझेदार रहा. क्यूबा की तत्कालीन तानाशाह सरकार को अमेरिका का खुला सपोर्ट था. अमेरिकी कंपनियां वहां केसीनो बिजनेस में पैसे लगाया करतीं. क्यूबा की राजधानी हवाना अमेरिकी कारोबारियों और माफिया का बड़ा अड्डा हुआ करता था.
हालांकि ये आजादी और सपोर्ट कागजों तक था. असल में क्यूबा, वाइट हाउस के लिए मोहरा था, जिससे कई हित साधे जा सकें.

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान के काबुल पर एयर स्ट्राइक की. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए. इस बर्बर कांड के बाद काबुल में आंसू और मातम पसरा हुआ है कलेजे को चीर देने वाली तस्वीर देखिए.

इराक की राजधानी बगदाद में ताजा हमला हुआ है. इराकी सुरक्षा सूत्रों के अनुसार, आज सुबह बगदाद में तीन हमले हुए हैं. एक हमला अमेरिकी दूतावास पर किया गया है. अमेरिकी दूतावास को ड्रोन और रॉकेट से निशाना बनाया है. बगदाद के ग्रीन ज़ोन में स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया गया. रिपोर्ट्स के मुताबिक रॉकेट और कई ड्रोन दूतावास पर दागे गए. लेकिन समय रहते अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम C-RAM सक्रिय हो गया और कई ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया.

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक की. पाकिस्तान ने काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. इधर अफगानिस्तान के आरोपों पर पाकिस्तान ने इनकार किया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया और कहा कि काबुल में किसी अस्पताल को निशाना नहीं बनाया गया.

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच चल रही जंग का आज 18वां दिन है. जहां एक तरफ अमेरिका ईरान के सैन्य ठीकानों को तबाह करने में जुटा है तो वहीं इजरायल ईरान और खाड़ी देशों पर मिसाइलें बरसा रहा है. इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खर्ग द्वीप पर हमले और भारी क्षति का दावा किया है. जंग से जुड़े ताजा 10 अपडेट जानिए.

पाकिस्तान ने देर रात अफगानिस्तान पर एयर स्ट्राइक की. पाकिस्तान ने काबुल के कई इलाकों को निशाना बनाया. इसमें 400 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा है और 250 से ज्यादा लोगों घायल हैं. तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया है कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल में एक नशा मुक्ति अस्पताल पर बम गिराए. तालिबान ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताया है और कहा कि पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की हवाई सीमा का उल्लंघन किया है. वहीं पाकिस्तान सरकार ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया.








