
इजरायली अधिकारियों से गुप्त मुलाकात पर घिरा पाकिस्तान
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फिलिस्तीन के मसले पर इजरायल के खिलाफ मुखर पाकिस्तान की इमरान खान सरकार को असहजता की स्थिति का सामना करना पड़ा रहा है. इजरायल के अधिकारियों से गुपचुप मुलाकात के आरोप पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के पूर्व सहयोगी जुल्फी बुखारी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार मोईद यूसुफ को सफाई देनी पड़ी है.
फिलिस्तीन के मसले पर इजरायल के खिलाफ मुखर पाकिस्तान की इमरान खान सरकार को असहजता की स्थिति का सामना करना पड़ा रहा है. इजरायल के अधिकारियों से गुपचुप मुलाकात के आरोप पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के पूर्व सहयोगी जुल्फी बुखारी के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) मोईद यूसुफ को सफाई देनी पड़ी है. (फोटो-रॉयटर्स) मोईद यूसुफ ने कहा है कि उन्होंने इजरायल के अधिकारियों से कोई मुलाकात नहीं की और न ही उन्होंने इजरायल का दौरा किया है. पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने ट्वीट किया, 'यह जानकर अफसोस हो रहा है कि एक राजनीतिक पार्टी के नेता ने आरोप लगाया कि मैंने गुपचुप तरीके से इजरायल के अधिकारियों से मुलाकात की है.' मोईद यूसुफ ने कहा, 'मैं सीधे बताना चाहता हू कि मेरी किसी इजरायली अधिकारी से मुलाकात नहीं हुई है और न ही मैंने इजारयल का दौरा किया है.' Very disappointed to be informed that the leader of a major political party has insinuated that I had secretly met Israeli officials. Let me state categorically and on record that I have not had any meetings with any Israeli officials nor have I visited Israel. 1/2
ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गलीबाफ ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमेरिका-ईरान वार्ता का दावा फर्जी बताया. उनका कहना है कि यह वित्तीय और तेल बाजार को प्रभावित करने और अमेरिका-इजरायल की रणनीतिक विफलताओं से ध्यान हटाने के लिए फैलाया गया. ईरान ने किसी भी वार्ता की पुष्टि से इनकार किया.

वेस्ट एशिया में छिड़े युद्ध में आज अमेरिका की तरफ से ऐसे संकेत आए हैं कि जैसे अमेरिका ईरान के सामने थोड़ा झुका हो. अमेरिका ने ईरान के एनर्जी और पावर प्लांट पर हमलों को फिलहाल टाल दिया है. लेकिन सवाल है कि क्यों? अमेरिका और इजरायल का गठबंधन युद्ध के 24 दिनों के बाद भी ईरान को पूरी तरह से झुका नहीं पाया है. शुरुआत में भले ही अमेरिका इजरायल को कामयाबी मिली हो. लेकिन अब तो ऐसा लग रहा है कि जैसे ईरान ने अपने ताकतवर बम युद्ध के इस हिस्से के लिए बचाकर रखे हों. इजरायल के न्यूक्लियर प्लांट तक ईरान के बम गिर रहे हैं. इजरायल का वर्ल्ड क्लास एयर डिफेंस सिस्टम फेल क्यों हो गया.

युद्ध के 24वें दिन आज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चौंकाने वाला बड़ा ऐलान किया. ट्रंप ने कहा कि बीते 2 दिनों से हो रही बातचीत के बाद मैंने ईरानी पावर प्लांट्स पर 5 दिनों के लिए हमले करना रोक दिया है. गौरतलब है कि भारतीय समय से आज रात ही ईरानी पावर प्लांट्स पर हमला करने की ट्रंप की डेडलाइन पूरी हो रही थी. सवाल ये है कि क्या ट्रंप ने अचानक यू टर्न लिया है? अगर ईरान के साथ बीते 2 दिनों से बातचीत हो रही थी तो लगभग 2 दिनों पहले उन्होंने अल्टीमेटम क्यों दिया था? क्यों उन्होंने शक्ति से शांति की बात की थी? सवाल उठ रहा है कि क्या ईरान के तेवरों के आगे ट्रंप एग्जिट रूट ढूंढ रहे हैं? ट्रंप के ऐलान से क्या युद्ध रुक जाएगा? क्या ईरान और इजरायल युद्ध रोकेंगे? ईरान की मीडिया के अनुसार अमेरिका से ईरान का कोई संपर्क नहीं है.

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित हमलों को पांच दिनों के लिए रोकने का निर्देश दिया, जिसका कारण दोनों देशों के बीच जारी सकारात्मक बातचीत बताया गया. डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि ईरान से पांच दिनों के भीतर डील हो सकती है. हालांकि, ईरान इन दावों को खारिज कर रहा है. इससे पहले अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने को लेकर चेतावनी दी थी, जिस पर ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी.









