
असद के तख्तापलट से खत्म नहीं हुआ सीरिया संकट, अमेरिका-रूस और विद्रोहियों के सामने ये चुनौतियां
AajTak
सीरिया की हवाओं में बारूद की गंध घुली हुई है, सड़कों पर जबरदस्त फायरिंग हो रही है, सीरिया में विद्रोही बेकाबू हो गए हैं. ये वही सीरिया है, जहां खूंखार आतंकी संगठन ISIS ने अपने जड़ें जमाई थीं, अब एक बार फिर वैसा ही खतरा फिर मंडरा रहा है. सेना ने असद के देश छोड़ने की पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रपति की सत्ता खत्म हो चुकी है.
सीरिया में हालात बद से बदतर हो गए हैं, सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद देश छोड़कर भाग चुके हैं, सेना ने असद के देश छोड़ने की पुष्टि करते हुए कहा कि राष्ट्रपति की सत्ता खत्म हो चुकी है. सीरिया में पिछले 11 दिनों से विद्रोही गुटों और सेना के बीच कब्जे के लिए लड़ाई चल रही थी, विद्रोही लड़ाकों ने रविवार को राजधानी दमिश्क पर भी कब्जा कर लिया, वो सड़कों पर गोलीबारी करके जीत का जश्न मना रहे हैं.
सीरिया की हवाओं में बारूद की गंध घुली हुई है, सड़कों पर जबरदस्त फायरिंग हो रही है, सीरिया में विद्रोही बेकाबू हो गए हैं. ये वही सीरिया है, जहां खूंखार आतंकी संगठन ISIS ने अपने जड़ें जमाई थीं, अब एक बार फिर वैसा ही खतरा फिर मंडरा रहा है. गुरुवार को सीरियाई विद्रोहियों ने हमा शहर पर कब्जा जमा लिया था, महज हफ्तेभर के भीतर बिजली की रफ्तार से विद्रोहियों ने सीरिया के 2 बड़े शहरों से राष्ट्रपति असद की सेना को खदेड़ दिया है. पहले अलेप्पो और फिर चौथे सबसे बड़े शहर हमा में विद्रोहियों ने अपनी जीत का जश्न मनाया. धार्मिक नारों के बीच ऑटोमैटिक राइफलों से निकलती गोलियां गूंज रही हैं, विद्रोहियों ने हमा में हाफ़िज़ अल-असद की मूर्ति भी गिरा दी. हाफिज मौजूदा राष्ट्रपति बशर अल असद के पिता थे और साल 1982 में उन्होंने हमा नरसंहार को अंजाम दिया था, जिसमें शहर में लगभग 30,000 लोगों की हत्या की गई थी. इसे असद के खिलाफ सुन्नियों के सीरियाई मुस्लिम ब्रदरहुड के विद्रोह के बाद अंजाम दिया गया था. हाफिज की मूर्ति गिराने के साथ ही विद्रोही जीत का जश्न मना रहे हैं, लेकिन सीरियाई सेना कह रही है कि उसके लिए ये झटका नहीं है. उसके मुताबिक उसने सोच-समझ कर कदम पीछे खींचा है. सीरियाई सेना शहर के बाहर फिर से तैनात हो रही है. उसका मकसद शहरी युद्ध से बचना है ताकि बेकसूर लोगों का खून ना बहे.
रूसी बमबारी भी विद्रोहियों को नहीं रोक सकी
बीते 13 साल में ऐसा पहली बार हुआ है, जब असद के खिलाफ इतनी तेजी से विद्रोही आगे बढ़ रहे हैं. वो असद... जिन्हें रूस के राष्ट्रपति पुतिन के साथ ही ईरान का भी समर्थन प्राप्त है. रूस ने असद के समर्थन में विद्रोहियों पर हवाई बमबारी भी की, लेकिन ये बमबारी उन्हें आगे बढ़ने से नहीं रोक सकी. दूसरी तरफ, हमा शहर पर जीत के बाद विद्रोहियों ने यहां की जेल में बंद कैदियों को रिहा कर दिया. विद्रोहियों ने इसका वीडियो भी जारी किया था. इसमें कैदियों को हमा जेल से बाहर निकलते और अपनी आजादी पर खुश होते दिखाया गया है.
सीरिया की जंग में दोनों तरफ आतंकी संगठन
दूसरी तरफ असद की मदद में जहां रूस और ईरान पहले से ही हैं, वहीं अब हिज्बुल्लाह ने भी साफ कर दिया है कि वो सीरिया का साथ देगा. हिज्बुल्लाह के नए लीडर नईम कासेम ने कहा कि विद्रोहियों के मंसूबों को नाकाम करने के लिए हम सीरिया के साथ खड़े हैं, यानी सीरिया में लड़ी जा रही जंग में दोनों तरफ आतंकी संगठन हैं. एक तरफ अलकायदा के साथ रह चुका हयात तहरीर अल शाम है, तो दूसरी तरफ है हिज्बुल्लाह. लिहाजा, आने वाले समय में सीरिया फिर एक बार वैसी ही तबाही देखने वाला है, जिसने उसके तमाम शहरों को पहले ही बर्बाद कर रखा है.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ईरान को होर्मुज पर धमकी अब उन्हीं पर उलटी पड़ चुकी है. ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की डेडलाइन देकर होर्मुज खोलने को कहा था, जिसके बाद अब ईरान ने ट्रंप के स्टाइल में ही उन्हें जवाब देते हुए कहा कि यदि अमेरिका उनपर हमला करेगा तो ईरान भी अमेरिका के एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर को निशाना बनाएगा.

आज यु्द्ध का 24वां दिन है. इजरायल पर ईरान और जवाब में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर ताबड़तोड़ हमले जारी हैं. इस बीच सवाल ये कि क्या डोनाल्ड ट्रंप हॉर्मुज पर फंस गए हैं. ट्रंप के बार-बार बदलते बयानों से लग रहा है कि जंग छेड़ने से पहले हॉर्मुज को लेकर ट्रंप सोच नहीं पाए थे. देखें कैसे बदलते जा रहे ट्रंप के बयान.

आज हम आपको अद्भुत, अविश्वसनीय, अकल्पनीय हथियारों से रूबरू कराने वाले हैं. कुछ जो इंसान के बचाव के लिए बने हैं और कुछ केवल विनाश के लिए. डोनाल्ड ट्रंप जिस वक्त अमेरिका की ताकत पर इतरा रहे थे, बता रहे थे कि उन्होंने ईरान की ताकत को मिट्टी में मिला दिया है. इसके कुछ घंटे बाद ईरान ने इजरायल पर आज तक के सबसे बड़े हमले को अंजाम दिया.

कतर के समुद्री इलाके में रविवार को एक बड़ा सैन्य हादसा हो गया. रूटीन ड्यूटी पर निकला एक हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी की वजह से क्रैश होकर समुद्र में जा गिरा. इस दर्दनाक हादसे में कतर और तुर्की सेना के 5 जवानों समेत 2 टेक्नीशियनों की मौत हो गई. दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों ने इस घटना की पुष्टि करते हुए गहरा दुख जताया है.









