
अमेरिका में हिंदुओं को लेकर हुआ ये बड़ा फैसला, जानें संसद में बने 'हिंदू कॉकस' की क्या है खासियत
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इस कॉकस की खास बात ये है कि इसमें भारत से लेकर नेपाल, श्रीलंका, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, भूटान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ब्रिटेन और नीदरलैंड्स के हिंदू भी शामिल होंगे. इस कॉकस में भारतीय मूल के अन्य धर्मों सिख, जैन और बौद्ध से जुडे़ प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.
अमेरिका में भारतीय समुदाय का वर्चस्व लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में हिंदुओं के हितों की रक्षा करने और संसद में उनसे जुड़े मुद्दों को उठाने के लिए एक नए कांग्रेसनल हिंदू कॉकस (Congressional Hindu Caucus) का गठन किया गया है. रिपब्लिकन सांसद पीटर सेशंस और एलिस स्टेफैनिक ने अमेरिकी संसद में इसकी घोषणा की.
इस हिंदू कॉकस का उद्देश्य अमेरिका में हिंदुओं के खिलाफ नफरत और भेदभाव को खत्म करना भी है. 115वीं कांग्रेस के दौरान स्थापित इस नए हिंदू कॉकस ने हिंदू अमेरिकी समुदाय और पॉलिसी मेकर्स के बीच संबंध को और गहरा करने में अहम भूमिका निभाई है.
पीटर ने बताया कि इस नए कांग्रेसनल हिंदू कॉकस के अस्तित्व में आने से संसद में हिंदू अमेरिकी समुदाय की आवाज को और मुखर किया गया है. हम इस समुदाय से जुड़े मुद्दों को संसद में रखने, उनकी समस्याओं के समाधान और उनके योगदान को अहमियत देने के लिए प्रतिबद्ध हैं.
सांसद पीटर और स्टेफैनिक की अध्यक्षता में कांग्रेसनल हिंदू कॉकस उन मूल्यों की पैरवी करने के लिए समर्पित हैं, जो हिंदू अमेरिकी समुदाय के लिए मायने रखते हैं.
क्या है इस कॉकस की खास बात?
इस कॉकस की खास बात ये है कि इसमें भारत से लेकर नेपाल, श्रीलंका, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, भूटान, पाकिस्तान, अफगानिस्तान, ब्रिटेन और नीदरलैंड्स के हिंदू भी शामिल होंगे. इस कॉकस में भारतीय मूल के अन्य धर्मों सिख, जैन और बौद्ध से जुडे़ प्रतिनिधि भी शामिल होंगे.

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