
अफगानिस्तानः 19 साल 10 महीने 25 दिन बाद लौटी अमेरिकी फौज, अब तालिबान के सामने है ये चुनौती
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अमेरिकी सैनिकों के जाने बाद का काबुल भी सहमा सा है. वहां दुकान बाज़ार पहले की तरह खुले तो हैं. मगर रौनक गायब है. लोगों की आमोदरफ़्त तो है, लेकिन महिलाओं का कहीं नामों-निशान तक नहीं है. गरज़ ये कि तालिबान ने अपने आने से पहले ही महिलाओं को अपने-अपने घरों से बाहर ना निकलने की खुली धमकी दे रखी है.
अफग़ानिस्तान 31 अगस्त के बाद बदला-बदला सा नजर आ रहा है. जहां कबाड़ में तब्दील कई अमेरिकी हवाई जहाज़ और बेजान हथियारों के ढेर के सिवाय दूर-दूर तक अमेरिका का कोई नामोनिशान नहीं है. फिलहाल अगर यहां कुछ है, तो वो है तालिबानी नेताओं की सियासी सरगर्मी, लड़ाकों का जश्न और अफग़ानिस्तान में नए सिरे से शरिया कानून लाने की तालिबानी जद्दोजहद के बीच आम लोगों में पसरा ख़ौफ.
संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद जायेद अल नहयान के भारत दौरे ने पाकिस्तान में फिर से पुरानी डिबेट छेड़ दी है. पाकिस्तान के विशेषज्ञों का कहना है कि पाकिस्तानी नेतृत्व की वजह से हमें भारत की तुलना में हमेशा कमतर आंका जाता है. पाकिस्तान में इस दौरे को मिडिल ईस्ट मे पैदा हुए हालात और सऊदी अरब -पाकिस्तान के संबंधों के बरक्श देखा जा रहा है.

यूरोप में कुछ बेहद तेजी से दरक रहा है. ये यूरोपीय संघ और अमेरिका का रिश्ता है, जिसकी मिसालें दी जाती थीं. छोटा‑मोटा झगड़ा पहले से था, लेकिन ग्रीनलैंड ने इसे बड़ा कर दिया. डोनाल्ड ट्रंप लगातार दोहरा रहे हैं कि उन्हें हर हाल में ग्रीनलैंड चाहिए. यूरोप अड़ा हुआ है कि अमेरिका ही विस्तारवादी हो जाए तो किसकी मिसालें दी जाएंगी.

डोनाल्ड ट्रंप ग्रीनलैंड पर कब्जा चाहते हैं. उनका मानना है कि डेनमार्क के अधीन आने वाला यह अर्द्ध स्वायत्त देश अमेरिका की सुरक्षा के लिए जरूरी है. इसे पाने के लिए वे सैन्य जोर भी लगा सकते हैं. इधर ग्रीनलैंड के पास सेना के नाम पर डेनिश मिलिट्री है. साथ ही बर्फीले इलाके हैं, जहां आम सैनिक नहीं पहुंच सकते.

गुरु गोलवलकर मानते थे कि चीन स्वभाव से विस्तारवादी है और निकट भविष्य में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण करने की पूरी संभावना है. उन्होंने भारत सरकार को हमेशा याद दिलाया कि चीन से सतर्क रहने की जरूरत है. लेकिन गोलवलकर जब जब तिब्बत की याद दिलाते थे उन्हों 'उन्मादी' कह दिया जाता था. RSS के 100 सालों के सफर की 100 कहानियों की कड़ी में आज पेश है यही कहानी.









