
WTO की वजह से नहीं मिल रही MSP की गारंटी? किसानों ने चलाया जागरुकता अभियान
AajTak
पंजाब के किसान करीब दो हफ्ते से विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं. वे एमएसपी की गारंटी चाहते हैं लेकिन बताते हैं कि वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाजेशन भी उन्हें प्रभावित कर रहा है. इस संबंध में आज यूनियनों ने शंभू और खनौरी सीमा पर सेमीनार आयोजित किए थे, जहां वैश्विक संगठन की नीतियों पर चर्चा की गई.
पंजाब और हरियाणा सीमा पर किसानों का विरोध प्रदर्शन 13वें दिन में प्रवेश कर गया है. कृषि संघ किसानों से शांत रहने और शांति के साथ एमएसपी कानून के लिए लड़ाई जारी रखने की अपील कर रहे हैं. किसान यूनियनों ने शंभू और खनौरी सीमा पर वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन को लेकर आज एक सेमीनार आयोजित किए थे. इस दौरान यह चर्चा की गई कि वैश्विक संगठन 'किस तरह विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में एमएसपी की अवधारणा को प्रभावित कर रहा है.'
इंडिया टुडे टीवी से बातचीत में बीकेयू एकता सिधुपुर के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बताया कि कैसे डब्ल्यूटीओ की नीतियां भारतीय किसानों के लिए एक मजबूत फंदा बन रही हैं. किसान नेता ने कहा, हमें केंद्र सरकार से पांचवीं बार हमारी मांगों पर बात करने के लिए कोई प्रस्ताव नहीं मिला है. उन्होंने बताया, "हम देखेंगे कि वे क्या प्रस्ताव देते हैं लेकिन मुझे नहीं लगता कि इसके आने से पहले इस पर चर्चा करना सही है."
ये भी पढ़ें: आखिर आंदोलन में शामिल क्यों नहीं हो रहे पंजाब के खेतों में काम कर रहे ज्यादातर किसान? पढ़ें ग्राउंड रिपोर्ट
भारत में सिर्फ 27-28 हजार दिए जाते हैं सब्सिडी
डब्ल्यूटीओ की नीतियां भारतीय किसानों के लिए अनुकूल नहीं हैं. एमएसपी की गारंटी के बिना किसानों का जीवित रहना संभव नहीं है. डल्लेवाल ने बताया कि डब्ल्यूटीओ ने हमेशा भारत जैसे विकासशील देशों पर एमएसपी व्यवस्था को रोकने के लिए दबाव डाला है. एमएसपी और सब्सिडी के बिना हमारे पास कोई अन्य विकल्प नहीं हैं. कुछ देश प्रति किसान लगभग 80 लाख रुपये की सब्सिडी देते हैं लेकिन भारत में केवल 27-28 हजार रुपये दिए जाते हैं.
'हरियाणा के किसान भी कर रहे प्रदर्शन'

7 राज्य, 26 ठिकाने और ED का एक्शन... इंटरस्टेट ड्रग सिंडिकेट का भंडाफोड़, PMLA के तहत चल रही है जांच
ED ने PMLA के तहत गोवा समेत 7 राज्यों में मौजूद 26 ठिकानों पर छापेमारी की और इंटरस्टेट ड्रग तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश कर दिया. यह एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है. पढ़ें इस मामले की पूरी कहानी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहते हैं कि पंचायत से पार्लियमामेंट तक जनता का विश्वास बीजेपी के साथ है. इसी विश्वास की नई किस्त महाराष्ट्र से आई है. देश में लगातार तीन बार मोदी सरकार. देश के बीस राज्यों में NDA की सरकार. केरल तक में बीजेपी की जीत. तिरुवनंतपुरम नगर निगम चुनाव में कमल खिलने के बाद आज महाराष्ट्र में भी नया इतिहास रचा गया है.

आज के बीएमसी चुनाव में भाजपा ने मुम्बई में बड़ी सफलता हासिल की है. पिछले चालीस वर्षों में पहली बार भाजपा बीएमसी की मेयर की कुर्सी संभालने को तैयार है. भाजपा ने विकास कार्यों को अपनी प्राथमिकता बनाया है और जनता ने इसे स्वीकार किया है. चुनाव की मतगणना अभी चल रही है, लेकिन शुरुआती रुझान साफ दिखा रहे हैं कि भाजपा और उसके गठबंधन को भारी बहुमत मिलेगा. विपक्ष खासकर शिवसेना के लिए यह चुनाव चुनौतीपूर्ण रहा है. उद्धव ठाकरे की पार्टी को कुछ सीटें मिली हैं पर भाजपा की बढ़त स्पष्ट है.

बीएमसी चुनाव में बीजेपी-शिवसेना शिंदे गुट का गठबंधन आगे चल रहा है. ठाकरे बंधुओं और एनसीपी-एसपी का गठबंधन भी 80 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाए हुए है. Axis My India के एमडी प्रदीप गुप्ता ने कहा है कि हार के बावजूद ठाकरे बंधु मराठी बहुल इलाकों, खासकर ग्रेटर मुंबई में अपनी साख बचाने में कामयाब रहे हैं. हार के बावजूद उनके वजूद पर सवाल नहीं उठाए जा सकते.









