
'Underarm' bowling incident: क्रिकेट इतिहास का बड़ा 'धोखा', 42 साल पहले आज ही ग्रैग चैपल ने डलवाई थी सबसे 'बदनाम गेंद'
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1 फरवरी 1981 का दिन... इसी दिन क्रिकेट के इतिहास की सबसे 'बदनाम' गेंद फेंकी गई थी. दो भाइयों (ग्रेग और ट्रेवर चैपल) ने मैदान पर ऐसी चाल चली कि क्रिकेट शर्मसार हुआ. तब गेंदबाज ने बल्लेबाज की दिशा में गेंद लुढ़काभर दी थी...
वनडे का फाइनल मुकाबला और आखिरी गेंद पर विरोधी टीम को मैच टाई करने के लिए छह रनों की जरूरत... और उस निर्णायक पल में गेंदबाजी करा रहा कप्तान डर जाता है. वह ऐसी बेईमानी पर उतर आता है, जिसे क्रिकेट इतिहास का सबसे बड़ा 'धोखा' कहा जाता है. जी हां! बात हो रही है ऑस्ट्रेलिया के तत्कालीन कप्तान ग्रेग चैपल की. 42 साल पहले आज ही क्रिकेट इतिहास में 'खेल भावना की हत्या' का सबसे बड़ा कलंक उनपर लगा था.
अंडरआर्म गेंदबाजी... शर्मनाक हरकत
यह घटना 1 फरवरी 1981 की है. इसी दिन क्रिकेट के इतिहास की सबसे 'बदनाम' गेंद फेंकी गई थी. दरअसल वह 'अंडरआर्म' गेंद थी. तब गेंदबाज ने बल्लेबाज की दिशा में गेंद लुढ़काभर दी थी. दो भाइयों (ग्रेग और ट्रेवर चैपल) ने मैदान पर ऐसी चाल चली कि क्रिकेट शर्मसार हुआ. मजे की बात है कि उस मैच की कमेंट्री कर रहे दोनों के बड़े भाई इयान चैपल उनकी हरकत देख चिल्ला उठे थे- 'नहीं ग्रेग, तुम ऐसा नहीं कर सकते..'
AUS Vs NZ- मेलबर्न की है घटना
मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच बेंसन एंड हेजेज वर्ल्ड सीरीज कप के पांच फाइनल मैचों में से ज्यादा जीतने वाली टीम ट्रॉफी पर कब्जा जमाती. पहले दो मैचों में एक-एक जीत के साथ न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया की टीमें बराबरी पर थीं. चैम्पियन बनने की राह आसान करने के लिए यह मैच जीतना दोनों टीमों के लिए अहम था.
मैच की आखिरी गेंद पर ये 'तरकीब' ?

एक समय था जब बिहार से आईपीएल में खिलाड़ियों की मौजूदगी गिनी-चुनी होती थी. लेकिन आज 7 खिलाड़ियों का इस लीग में होना राज्य के क्रिकेट इकोसिस्टम में आए बदलाव का संकेत है. यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि उस बदलाव की कहानी है जहां कभी संसाधनों की कमी से जूझने वाला राज्य अब भारतीय क्रिकेट की मुख्यधारा में अपनी जगह बना रहा है.












