
Ukraine Russia War: 82 दिन की जंग में रूस को सबसे बड़ा झटका, खारकीव से बॉर्डर तक खदेड़े गए सैनिक
AajTak
Ukraine Russia War: रूस-यूक्रेन की जंग को 82 दिन बीत चुके हैं. इस बीच रूस को बड़ा झटका लगा है. खारकीव शहर से रूसी सेना को खदेड़ दिया गया है.
Ukraine Russia War: यूक्रेन से जंग लड़ रहे रूसी सैनिकों को एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी है. कीव पर कब्जे की नाकाम कोशिश के बाद अब खारकीव से भी रूसी सैनिकों को खदेड़ दिया गया है. यूक्रेन की तरफ से दावा किया गया है कि उन्होंने खारकीव की लड़ाई जीत ली है. यह रूस के लिए इस जंग में सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है. यूक्रेन का दावा है कि पिछले कुछ दिनों से अब खारकीव में बमबारी भी नहीं हो रही है.
बता दें कि यूक्रेन-रूस जंग के 82 दिन बीत चुके हैं. यूक्रेन के कई शहरों पर रूस के हमले अब भी जारी हैं लेकिन यूक्रेन के लोगों और सैनिक डटकर पुतिन की सेना का सामना कर रहे हैं.
यूक्रेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर है खारकीव
खारकीव यूक्रेन का दूसरे सबसे बड़ा शहर है. यह शहर रूसी बॉर्डर से बस 80 किलोमीटर (50 मील) की दूरी पर है. इसके दक्षिण पश्चिम में रूस का बेलगॉरॉड शहर पड़ता है. खारकीव में करीब 10 लाख से ज्यादा लोग रहते थे, जिनमें से ज्यादातर रूसी बमबारी की वजह से घर छोड़कर इधर-उधर भागने को मजबूर हो गए. इसमें से कुछ यूक्रेन के ही दूसरे शहरों और कुछ पड़ोसी देशों में रह रहे हैं.
यह भी पढ़ें - Russia-Ukraine War: 'रूस के खिलाफ युद्ध जीत सकती है यूक्रेन की सेना', NATO चीफ का बड़ा दावा
फिलहाल खारकीव के आसपास के इलाके से भी रूसी सैनिकों को खदेड़ने का काम जारी है. इलाके के गवर्नर ओलेह सिनेगुबोव का कहना है कि यूक्रेन ने इज़्युम शहर में जवाबी हमले शुरू किये हैं. अप्रैल की शुरुआत से यहां रूसी सेना ने कब्जा किया हुआ है.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू में स्पष्ट रूप से कहा है कि यदि ईरान ने उन पर हमला किया या उनकी हत्या की साज़िश रची, तो अमेरिका ईरान को पूरी तरह से दुनिया के नक्शे से मिटा देगा. यह बयान अमेरिका और ईरान के बीच तनाव को और बढ़ा सकता है. ट्रंप की इस धमकी ने वैश्विक राजनीति में नई बहस छेड़ दी है. ऐसे हालात में दोनों देशों के बीच शांति बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है.

ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिकी पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चिंता अभी भी कायम है. दावोस में दिए अपने भाषण में उन्होंने डेनमार्क को कड़ी चेतावनी दी और कहा कि वह एहसानफरामोश निकला, क्योंकि दूसरे विश्व युद्ध के बाद अमेरिका ने ग्रीनलैंड को दिया था, लेकिन अब डेनमार्क इसका सही उपयोग नहीं कर रहा है. ट्रंप ने जोर देकर कहा कि ग्रीनलैंड अमेरिका की सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है और वह इसे लेना चाहते हैं.

'PM मोदी की बहुत इज्जत करता हूं, जल्द अच्छी ट्रेड डील होगी', टैरिफ धमकियों के बीच ट्रंप का बड़ा बयान
ट्रंप ने मीडिया संग बातचीत में भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर कहा कि आपके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर मेरे मन में बहुत सम्मान है. वह बेहतरीन शख्स है और मेरे दोस्त हैं. हमारे बीच बेहतरीन ट्रेड डील होने जा रही है.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.









