
Shyam Benegal Passes Away: दिग्गज निर्देशक श्याम बेनेगल का 90 की उम्र में निधन, लंबे वक्त से थे बीमार
AajTak
डायरेक्टर श्याम बेनेगल का स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण निधन हो गया. वो 90 साल के थे. उन्होंने जुबैदा, अंकुर जैसी फिल्में डायरेक्ट की थी. उनकी बेटी पिया बेनेगल ने इंडिया टुडे से इस खबर की पुष्टि की और बताया कि एक दिन ऐसा होना तय था. खबर है कि उन्होंने 23 दिसंबर को शाम 6 बजकर 30 मिनट पर आखिरी सांस ली. हाल ही में उन्होंने अपना 90वां जन्मदिन सेलिब्रेट किया था.
फिल्म इंडस्ट्री के फेमस डायरेक्टर श्याम बेनेगल का निधन हो गया है. उन्होंने 90 साल की उम्र में आखिरी सांस ली. श्याम लंबे समय से बीमार थे. मशहूर फिल्म मेकर लंबे समय से बढ़ती उम्र के कारण अस्वस्थ चल रहे थे. उनकी बेटी पिया बेनेगल ने इंडिया टुडे से इस खबर की पुष्टि की और बताया कि एक दिन ऐसा होना तय था. बेनेगल को भारत सरकार ने 1976 में पद्म श्री और 1991 में पद्म भूषण से सम्मानित किया था. उनकी सफल फिल्मों में मंथन, जुबैदा और सरदारी बेगम शामिल हैं.
90 की उम्र में श्याम का निधन
श्याम बेनेगल का इस दुनिया को अलविदा कह कर जाना पूरी इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति है. खबर है कि उन्होंने 23 दिसंबर को शाम 6 बजकर 30 मिनट पर आखिरी सांस ली. हाल ही में उन्होंने अपना 90वां जन्मदिन सेलिब्रेट किया था. एक्ट्रेस शबाना आजमी ने अपने इंस्टाग्राम इस पार्टी की तस्वीरें शेयर की थीं. फोटो में श्याम बेनेगल, शबाना और नसीरुद्दीन शाह संग हंसते मुस्कुराते नजर आए थे. निर्देशक का जन्म 14 दिसंबर को हुआ था.
श्याम का जीवन परिचय
श्याम बेनेगल ने 1974 में फिल्म 'अंकुर' से निर्देशन की शुरुआत की थी. ये फिल्म सामाजिक मुद्दों पर आधारित थी. इस फिल्म ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिला दी थी. इसके अलावा भी उन्होंने महत्वपूर्ण फिल्में बनाई थीं. उन्होंने 'निशांत', 'मंथन', 'भूमिका' और 'सरदारी बेगम' जैसी यादगार फिल्में बनाईं, जिन्हें आज भी याद किया जाता है.
मालूम हो कि 'मंथन' पहली ऐसी फिल्म थी, जो दर्शकों के आर्थिक सहयोग से बनी थी. ये फिल्म डेयरी आंदोलन पर आधारित थी. उनकी फिल्मों की सबसे बड़ी खूबी ये रही कि वो आम लोगों के जीवन की सच्चाई और उनके संघर्षों को प्रामाणिकता के साथ प्रस्तुत करती थीं.

नितिन नबीन बीजेपी के सबसे युवा अध्यक्ष हैं. पीएम मोदी ने आज नितिन नबीन को मिलेनियल बताया. नितिन नबीन के लिए 2026 की चुनावी चुनौती बड़ी है, क्योंकि बंगाल, केरल, और तमिलनाडु में बीजेपी कभी सत्ता में नहीं रही. 2027 में यूपी का भी चुनाव है. सवाल है कि क्या नितिन नबीन के युवा नेतृत्व का जोश, क्या विपक्ष को और मुसीबत में डालने वाला है? देखें हल्ला बोल.

अहमदाबाद के घाटलोडिया इलाके में नेशनल स्कूल के बाहर दसवीं के छात्र पर जानलेवा हमला हुआ है. परीक्षा खत्म होने के तुरंत बाद 8 से 10 हमलावरों ने छात्र को घेर लिया और उसे स्कूल से लगभग 50 मीटर दूर तक घसीट कर चाकू, पाइप और लकड़ी से बेरहमी से मारा. इस मामले में स्कूल के चार छात्र और उनके साथी शामिल हैं. पुलिस ने बताया कि यह हमला पुरानी रंजिश के कारण हुआ है.

जम्मू-कश्मीर के किश्तवार जिले में ऑपरेशन त्राशी-1 के दौरान सुरक्षा बलों ने आतंकियों की छिपने की जगह का सफलतापूर्वक भंडाफोड़ किया है. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के तहत किया गया जिसमें आतंकियों को पकड़ने और उन्हें मार गिराने के उद्देश्य से सुरक्षा बल सक्रिय थे. इस अभियान में आतंकियों के छिपने के स्थान का पता चलने से इलाके में सुरक्षा अभी और सख्त हो गई है.

प्रयागराज माघ मेला प्राधिकरण ने स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शंकराचार्य पद के दावे पर नोटिस जारी किया है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के अक्टूबर 2022 के आदेशों का हवाला दिया गया है. स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि नोटिस सुप्रीम कोर्ट की अवमानना है और उन्होंने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.








