
डोनाल्ड ट्रंप से कैसे निपटें? एक्सपर्ट फरीद जकारिया की भारत को तीन सलाह
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डोनाल्ड ट्रंप 2.0 की अनिश्चितता और संभावित टैरिफ झटकों के बीच भू-राजनीतिक विशेषज्ञ फरीद जकारिया ने भारत को सलाह दी है. उनका कहना है कि भारत हड़बड़ी में फैसले न ले. ट्रंप की अस्थिरता पर प्रतिक्रिया देने के बजाय धैर्य रखे, दिखावटी टकराव से बचे और घरेलू खपत व दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती पर फोकस बनाए रखे.
डोनाल्ड ट्रंप 2.0 को लेकर अनिश्चितता के माहौल और अमेरिका से नए टैरिफ खतरों की संभावना के बीच, भू-राजनीतिक विशेषज्ञ फरीद जकारिया ने भारत को इस सबसे निपटने के लिए एक रोडमैप पेश किया है- धैर्य बनाए रखें, हंगामे को नजरअंदाज करें और दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती पर फोकस करते रहें.
दावोस में विश्व आर्थिक मंच (डब्ल्यूईएफ) के दौरान इंडिया टुडे के कंसल्टिंग एडिटर राजदीप सरदेसाई से बातचीत में जकारिया ने तर्क दिया कि भारत को ट्रंप की अस्थिरता पर जरूरत से ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए, इस बात पर जोर देते हुए कि 'समय भारत के पक्ष में है.'
अमेरिका की विदेश नीति के बारे में बात करते हुए, जकारिया ने साफ कहा- ट्रंप से गैरजरूरी झगड़े न करें. उन्होंने कहा, 'धैर्य रखें. ट्रंप अस्थिर स्वभाव के हैं. ट्रंप की अपनी ही सनक है.'
उन्होंने कहा, 'जहां तक हो सके, ट्रंप को संभालें. उन्हें खुश करने की कोशिश करें. अगर उन्हें भव्य राजकीय भोज पसंद हैं, तो राष्ट्रपति भवन में उनके लिए एक भव्य राजकीय भोज आयोजित करें, जो कि बकिंघम पैलेस से चार गुना बड़ा है.'
मजाकिया अंदाज में जकारिया ने कहा कि भारत 'ब्रिटिश वैभव' को भी मात दे सकता है. उनका कहना था कि ट्रंप के व्यक्तित्व से निपटने में दिखावट मायने रखती है.
व्यापार समझौते पर गतिरोध को लेकर जकारिया का बयान

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