
बीजेपी अब 'नबीन पथ' पर... नितिन के सामने चुनौतियों का अंबार, 'सूखे' में कमल खिलाने का टारगेट
AajTak
बीजेपी में अब नए युग की शुरुआत हो चुकी है. नितिन नबीन बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बन गए हैं, लेकिन उनकी ताजपोशी ऐसे समय में हुई है, जब देश के पांच राज्यों में चुनावी तपिश बढ़ चुकी है. नितिन नबीन के सामने चुनावी राज्यों में ही चुनौती नहीं बल्कि बीजेपी के सियासी दुर्ग को बचाए रखने का चैलेंज है.
बीजेपी अध्यक्ष के तौर पर नितिन नबीन की मंगलवार को ताजपोशी हो गई है. अटल बिहारी वाजपेयी से नरेंद्र मोदी युह तक स बीजेपी ने अपने 45 साल के संघर्ष में तमाम तरह के उतार चढ़ाव से गुजरते हुए शून्य से शिखर तक का सफर तय किया है. अब जब बीजेपी नबीन पथ पर चल पड़ी है. 45 साल के युवा चेहरे नितिन नबीन के हाथों में बीजेपी की कमान है तो उनके सामने चुनौतियां का अंबार भी है.
नितिन नबीन बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऐसे समय बन रहे हैं, जब पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और असम में चुनावी सरगर्मी तेज है. 2026 में जहां पूर्वोत्तर से लेकर दक्षिण भारत चुनाव है तो 2027 में हिंदी बेल्ट में उनकी अग्निपरीक्षा होगी. खासकर उत्तर प्रदेश में, जहां पर 2024 लोकसभा चुनाव में बीजेपी को नुकसान उठाना पड़ा था.
बीजेपी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष के सामने सिर्फ चुनावी चुनौतियां ही नहीं है बल्कि बीजेपी की सोशल इंजीनियरिंग को मजबूत करने की होगी. साथ ही पार्टी के पुराने नेताओं के साथ ही सामांजस्य बनाकर चलने की होगी. हालांकि, पीएम मोदी ने नितिन नबीन को अपना बॉस बताकर साफ-साफ सियासी संदेश दे दिया है. ऐसे में अब देखना है कि नितिन नबीन सियासी पथ पर आगे बढ़ते हैं?
नितिन नबीन के सामने 2 साल में 12 राज्यों चुनाव नितिन नबीन तीन साल के लिए बीजेपी के अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं. उनके सामने अगले दो साल में देश के 11 राज्यों में विधानसभा चुनाव होने है. 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और असम में चुनाव है तो 2027 में उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनाव होने हैं.
2026 और 2027 में देश के जिन एक दर्जन राज्यों में विधानसभा चुनाव है, उसमें से बीजेपी की फिलहाल छह राज्यों में सरकार है. पांच राज्यों में बीजेपी के लिए अभी भी कमल खिलाने की चुनौती है. इस तरह नितिन नबीन के सामने अपनी मौजूदा सरकार को बचाए रखने के साथ-साथ जिन राज्यों में अभी तक सरकार बनी बना सकी है, उनमें कमल खिलाने की चुनौती होगी.
बीजेपी का सूखा कैसे खत्म करेंगे नबीन पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल ऐसे राज्य हैं, जहां बीजेपी अभी तक सरकार नहीं बना पाई है. बीजेपी के सामने असम में तीसरी बार और पुडुचेरी में दूसरी बार सरकार बनाने की चुनौती है. ये चुनावी राज्य बीजेपी के लिए कितने महत्वपूर्ण हैं, इसे इस तरह समझ सकते हैं कि पीएम मोदी से लेकर अमित शाह तक लगातार इन राज्यों के दौरे कर रहे हैं.

कोर्ट ने पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली बनाने पर जोर दिया ताकि बिना नसबंदी वाले कुत्तों की रिपोर्टिंग हो सके. 28 जनवरी को सरकारों की ओर से सॉलिसिटर जनरल अपनी दलीलें प्रस्तुत करेंगे. कोर्ट ने एनिमल राइट्स एक्टिविस्ट के पॉडकास्ट पर नाराजगी जताई और मामले की गंभीरता को रेखांकित किया. ये सुनवाई आवारा कुत्तों की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

कोर्ट ने कहा कि शिकायतकर्ता को जाति के आधार पर अपमानित करने की स्पष्ट मंशा होनी चाहिए। पटना हाईकोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एफआईआर और आरोप पत्र में जाति-आधारित अपमान के अभाव को रेखांकित किया। कोर्ट ने एससी एसटी एक्ट की धारा 3(1) के प्रावधानों को दोहराते हुए कहा कि केवल अपशब्दों का प्रयोग अपराध नहीं बनता।

भारतीय जनता पार्टी ने नितिन नबीन को अपना 12वां राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है. सोमवार को चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद मंच पर उन्हें निर्वाचन पत्र सौंपा गया. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह और राजनाथ सिंह समेत पार्टी के प्रमुख नेता मौजूद थे. पीएम मोदी ने नितिन नबीन को बधाई देते हुए कहा कि वे उनके बॉस हैं और अब वे सभी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. देखें PM मोदी के संबोधन की बड़ी बातें.

कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का आधा टर्म नवंबर 2025 में पूरा हो चुका है, जिससे स्पेकुलेशन बढ़ा. होम मिनिस्टर जी परमेश्वर भी फ्रे में हैं, लेकिन मुख्य जंग सिद्धारमैया-डीके के बीच है. पार्टी वर्कर्स में कन्फ्यूजन है, लेकिन हाई कमांड का फोकस यूनिटी पर है. क्या 29 जनवरी का समन टसल खत्म करेगा या नया ड्रामा शुरू होगा? देखना बाकी है.









