
Shashi Tharoor ने शेयर की Sumitra Mahajan के निधन की Fake News, ताई ने जमकर लगाई फटकार
Zee News
शशि थरूर ने सुमित्रा महाजन के निधन को लेकर ट्वीट किया था. उन्होंने खबर की सच्चाई जानने की कोशिश भी नहीं की. उनके उस ट्वीट पर जब भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय की नजर पड़ी, तो उन्होंने तुरंत इसका जवाब दिया. जिसके बाद थरूर ने माफी मांगते हुए अपना ट्वीट डिलीट कर दिया.
इंदौर: अपने निधन की फर्जी खबरों पर पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन (Sumitra Mahajan) ने चुप्पी तोड़ी है. महाजन ने इसके लिए न्यूज चैनलों (News Channels) को जमकर फटकार लगाई है. उन्होंने कहा कि आखिर न्यूज चैनल बिना सच्चाई पता किए ऐसी खबर कैसे चला सकते हैं? क्या उन्होंने इंदौर प्रशासन (Indore Administration) से खबर की सच्चाई पता करने की कोशिश की? बता दें कि हल्का बुखार आने के बाद सुमित्रा महाजन ने अपना कोरोना टेस्ट (Corona Test) कराया था. उनकी COVID-19 रिपोर्ट निगेटिव आई थी. उनकी तबीयत में अब सुधार बताया जा रहा है. ताई एक दम स्वस्थ है । भगवान उन्हें लम्बी उमर दे । Thanks . I have deleted my tweet. I wonder what motivates people to invent and spread such evil news that takes in people. My best wishes for Sumitra ji’s health and long life. Mahajan ने पूछा ‘ऐसी क्या जल्दी थी’? पूर्व लोकसभा अध्यक्ष के निधन की खबर गुरुवार रात को सोशल मीडिया (Social Media) पर वायरल हुई थी, जिसकी शुरुआत कुछ हद तक कांग्रेस सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) के पोस्ट के बाद हुई. थरूर ने लिखा था कि पूर्व लोकसभा अध्यक्ष श्रीमती सुमित्रा महाजन जी हमारे बीच नहीं रहीं. ईश्वर दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए महाजन ने कहा, ‘मेरी भतीजी ने शशि थरूर के ट्वीट का खंडन किया, लेकिन बिना पुष्टि के इस तरह की खबरें फैलाने की क्या जल्दबाजी थी’. — Shashi Tharoor (@ShashiTharoor)
Ramjet artillery shell IIT Madras: भारतीय वैज्ञानिकों ने एक बार फिर दुनिया को हैरान कर दिया है. अब दुश्मन सीमा के उस पार कहीं भी छिप जाएं, भारत के गोलों से बच नहीं पाएंगे. IIT Madras के होनहार दिमागों ने तोपों के लिए एक ऐसा 'जादुई' गोला तैयार किया है, जो अब पहले से कहीं ज्यादा दूर तक मार करेगा. यह तकनीक इतनी धाकड़ है कि पुरानी तोपें भी अब नई और खतरनाक मिसाइलों जैसा काम करेंगी.

DRDO AL-HCM missile: भारत के रक्षा वैज्ञानिकों ने एक ऐसी मिसाइल पर काम शुरू कर दिया है जो भविष्य के युद्धों का चेहरा बदल देगी. यह मिसाइल इतनी तेज होगी कि दुश्मन को पलक झपकने का मौका भी नहीं मिलेगा. हवा से छोड़ी जाने वाली यह हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल (AL-HCM) भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमानों को वो ताकत देगी, जिसका मुकाबला करना फिलहाल किसी भी देश के लिए नामुमकिन है.

IAF Air Launched Ballistic Missile: भारतीय वायुसेना अब अपनी रणनीति में एक बहुत बड़ा बदलाव करने जा रही है. सरहद पार बैठे दुश्मनों के बंकर और एयरबेस अब पहले से कहीं ज्यादा निशाने पर होंगे. भारत सरकार ने हवा से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों (ALBM) की संख्या को बढ़ाने का फैसला किया है. इसका मतलब यह है कि अब हमारे फाइटर जेट्स सिर्फ छोटी मिसाइलें ही नहीं, बल्कि भारी-भरकम और बिजली जैसी तेज रफ्तार वाली मिसाइलें लेकर उड़ेंगे, जो पलक झपकते ही दुश्मन का नामोनिशान मिटा देंगी.

S-400 Air Defence India: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जब यूक्रेन ने रूस के S-400 मिसाइल सिस्टम को तबाह करने का दावा किया, तो पूरी दुनिया में शोर मच गया. लोग पूछने लगे कि क्या भारत ने रूस से यह सिस्टम खरीदकर गलती की? लेकिन सच तो यह है कि जो लोग S-400 की आलोचना कर रहे हैं, वे भारत की असली ताकत और रणनीति को समझ ही नहीं पा रहे हैं.

TATA Airbus DRDO Develop C-295 MRMR Aircraft: C-295 विमान में किए जाने वाले विशेष मिशन अमेंडमेंट स्पेन में किए जाएंगे. जहां एयरबस को इस तरह के स्पेशल मिशन कन्वर्जन का लंबा अनुभव है. बेस कॉन्फिगरेशन के सफल जांच के बाद, विमान का निर्माण और सेंसर इंटीग्रेशन का काम भारत में किए जाने की योजना है. इससे देश में एयरोस्पेस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूती मिलेगी. लंबे समय तक फ्लीट सपोर्ट भी देश के भीतर ही संभव होगा.

DRDO MPATGM missile test: भारतीय सेना के हाथों में अब एक ऐसा हथियार आ गया है. जिसकी एक दहाड़ से दुश्मन टैंकों के परखच्चे उड़ जाएंगे. दरअसल, भारत के रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन यानी DRDO ने स्वदेशी 'एंटी-टैंक' मिसाइल का सफल परीक्षण करके दुनिया को अपनी ताकत दिखा दी है. यह मिसाइल इतनी स्मार्ट है कि यह चलते हुए टैंक को भी ढूंढकर उसे ऊपर से तबाह कर देती है.

LCA Tejas Mk1A Fighter Jet: भारतीय वायुसेना के आधुनिक लड़ाकू विमान LCA Tejas Mk1A के लिए एक बड़ी राहत की खबर आई है. अमेरिकी कंपनी General Electric Aerospace ने भरोसा दिया है कि वह वित्त वर्ष 2026-27 में भारत को 20 नए F404-IN20 इंजन डिलीवर करेगी. इंजनों की इस सप्लाई से Hindustan Aeronautics Limited (HAL) को तेजस विमानों का उत्पादन तेज करने में बड़ी मदद मिलेगी. जिससे IAF को 20 और नए तेजस लड़ाकू विमान मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा.

J-10C fighter jet: पेंटागन की एक ताजा रिपोर्ट ने दक्षिण एशिया की हवाई सुरक्षा को लेकर एक बड़ी हलचल पैदा कर दी है. चीन ने गुपचुप तरीके से पाकिस्तान को जो J-10C लड़ाकू विमान दिए थे, उन्हें लेकर अब अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने पक्की मुहर लगा दी है. यह खबर ऐसे समय में आई है जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव हमेशा बना रहता है, और 'ऑपरेशन सिंदूर' जैसे मिशनों में इन विमानों की भूमिका ने सुरक्षा विशेषज्ञों के कान खड़े कर दिए हैं.

India Radar Air Defence Network: देश के एयर डिफेंस सिस्टम में अब Passive Coherent Location Radar (PCLR) को शामिल किया जा रहा है. इसे भारत के उभरते Low Observable Detection Network (LODN) का अहम हिस्सा माना जा रहा है. इस नेटवर्क का मकसद ऐसे स्टेल्थ और लो-ऑब्जर्वेबल हवाई खतरों का पता लगाना है. जो आम रडार की पकड़ से बच निकलते हैं.

India Plans 114 Rafale Jets and Stealth Submarines: एयरफोर्स के लिए 114 राफेल मल्टी-रोल लड़ाकू विमानों और नौसेना के लिए प्रोजेक्ट 75I के तहत 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियों की खरीद को अंतिम रूप देने की तैयारी में है. इन दोनों सौदों को भारत के पोस्ट-कोल्ड वॉर दौर की सबसे अहम रक्षा खरीद में से एक माना जा रहा है.

Army Parade Autonomous Utility Logistics Vehicle: यह वाहन एक कॉम्पैक्ट, लो-प्रोफाइल और ट्रैक्ड रोबोटिक प्लेटफॉर्म है. जिसे बेहद मुश्किल और खतरनाक इलाकों में काम करने के लिए तैयार किया गया है. ड्रोन, आर्टिलरी और प्रिसिजन हथियारों के बढ़ते खतरे को देखते हुए, यह वाहन उन इलाकों में सप्लाई पहुंचाने के लिए बनाया गया है. जहां सैनिकों के साथ जाने वाले काफिले जोखिम में होते हैं.

Naval propulsion system India: भारत की दिग्गज कंपनी Bharat Forge अब जमीन और आसमान के बाद समंदर की लहरों पर राज करने की तैयारी में है. कंपनी के चेयरमैन Baba Kalyani ने एक बहुत बड़ा ऐलान किया है, जिससे भारतीय नौसेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी. अब देश के युद्धपोतों को चलाने के लिए विदेशी इंजनों या उनके पुर्जों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, क्योंकि भारत ने अपना खुद का 'नेवल प्रोपल्शन सिस्टम' यानी जहाज को चलाने वाली मशीनरी बनाना शुरू कर दिया है.

