
Sensex Record High: 2004 से 24 तक... सेंसेक्स के 5000 से 75 हजार पर पहुंचने की कहानी, न मंदी से मंद हुआ न कोरोना से कमजोर
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Stock Market ने बीते 20 साल में आर्थिक मंदी से लेकर कोरोना माहामारी का भयानक संकट तक झेला है. इस दौरान तमाम उतार-चढ़ावों के बावजूद भारतीय बाजार ने तेज रफ्तार से भागते हुए दुनिया में अलग मुकाम हासिल किया है.
भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है और हर दिन नया ऑल टाइम हाई लेवल छू रहा है. अब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के 30 शेयरों वाले सेंसेक्स (Sensex) 75 हजारी हो गया है. मंगलवार को स्टॉक मार्केट ओपन होने के साथ ही इस इंडेक्स ने पहली बार 75000 का आंकड़ा पार करके इतिहास रच दिया. सेंसेक्स की जर्नी पर नजर डालें तो आज से 20 साल पहले यानी साल 2004 में ये महज 5,000 के आस-पास था, जो आज 75हजारी हो चुका है. इस दौरान ने 2008 की आर्थिक मंदी (Economic Crisie) का सामना किया, तो वहीं 2020-21 में कोरोना (Corona) का भयानक प्रकोप झेला. इन संकटों से बाहर निकलते हुए सेंसेक्स ने कई कीर्तिमान स्थापित किए हैं और आज नए मुकाम पर पहुंच गया है.
बाजार खुलते ही रच दिया इतिहास सबसे पहले बात करें सेंसेक्स के आज के कारोबार के बारे में चैत्र नवरात्रि 2024 (Chaitra Navratri 2024) के पहले दिन मंगलवार को शानदार ग्लोबल संकेतों के बीच Stock Market में जोरदार तेजी के साथ कारोबार की शुरुआत हुआ. बीएसई का सेंसेक्स सुबह 9.15 बजे पर पहली बार 75000 का आंकड़ा पार करते हुए 75,124.28 के स्तर पर ओपन हुआ और ये इसका ऑल टाइम हाई लेवल है. बीते कारोबारी दिन BSE Sensex 74,742.50 के लेवल पर क्लोज हुआ था.
2006 में 10हजारी हुआ करता था सेंसेक्स Sensex के इतिहास पर नजर दौड़ाएं तो साल 2004 में ये 5,000 के आस-पास था, लेकिन 2006 के फरवरी महीने में ये 10,000 के स्तर पर पहुंच गया और इसके एक साल बाद यानी 2007 के अंत में 20,000 तक पहुंचा था. लेकिन इसके बाद सेंसेक्स की रफ्तार धीमी रही और 20 से 30 हजार के दायरे में आने के लिए लंबा समय लगा. करीब 7 साल बाद जब केंद्र की सत्ता में नरेंद्र मोदी सरकार आई, उस समय सेंसेक्स 25000 के आस-पास बना हुआ था.
2014 के बाद से ऐसी पकड़ी रफ्तार साल 2014 में सेंसेक्स 25,000 के दायरे में कारोबार करता हुआ आगे बढ़ने लगा और 26 अप्रैल 2017 को इसने 30,000 का स्तर पार कर लिया. इसके बाद जून 2019 की शुरुआत में ये 10,000 अंक की बढ़त के साथ 40,000 के पार निकल गया. फिर फरवरी 2021 आते-आते पहली बार Sensex 50000 के स्तर पर पहुंचा. इसके बाद तो ये रॉकेट की रफ्तार से भागता हुआ महज 158 दिन बाद 24 सितंबर 2021 को पहली बार 60हजारी बना.
60000 से बढ़कर 70000 के स्तर तक पहुंचने में Sensex ने 548 कारोबारी दिनों का समय लिया और अब 09 अप्रैल 2024 को शेयर बाजार नए मुकाम पर पहुंच गया है और सेंसेक्स 75,000 के लेवल को पार कर गया है. एक्सपर्ट्स इसके जल्द 80,000 के स्तर पर पहुंचने की उम्मीद जता रहे हैं.
आर्थिक मंदी से कोरोना महामारी तक बड़े संकट झेले कैलेंडर वर्ष 2004 भारतीय सूचकांकों के लिए एक सबसे उतार-चढ़ाव भरा साल माना जाता है. एक ओर जहां साल 2004 की शुरुआत में Sensex 6,000 के दायरे में काम कर रहा था, तो वहीं मई महीने में ये बिखरकर 5,000 के नीचे पहुंच गया और 15 मई 2004 के आस-पास ये 4,300 के स्तर पर ट्रेड करता नजर आ रहा था.

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