
Russia-Ukraine War: क्या यूक्रेन पर Tactical Nuclear Weapon गिराएंगे पुतिन? जानें कितने खतरनाक हैं ये हथियार
AajTak
What Is Tactical Nuclear Weapons: यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की का कहना है कि पुतिन यूक्रेन पर टेक्टिकल परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकता है और इसके लिए दुनिया को तैयार रहना चाहिए. अमेरिकी खुफिया एजेंसी CIA के डायरेक्टर ने भी टेक्टिकल परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की आशंका जताई है.
What Is Tactical Nuclear Weapons: रूस और यूक्रेन की जंग अब और खतरनाक होती जा रही है. यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की जंग की शुरुआत से ही परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर चिंता जता रहे हैं. लेकिन अब उन्होंने कहा है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन 'टेक्टिकल परमाणु हथियारों' का इस्तेमाल कर सकते हैं.
CNN को दिए इंटरव्यू में जेलेंस्की ने कहा कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन यूक्रेन पर टेक्टिकल परमाणु हथियार का इस्तेमाल कर सकते हैं और दुनिया के सभी देशों को इसके लिए तैयार रहना चाहिए. जेलेंस्की ने कहा कि हमें डरना नहीं है, लेकिन इसके लिए तैयार रहना चाहिए, क्योंकि ये सिर्फ यूक्रेन का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया का सवाल है.
पुतिन ने 24 फरवरी को यूक्रेन के खिलाफ जंग का ऐलान किया था. जंग के तीन दिन बाद ही 27 फरवरी को पुतिन ने न्यूक्लियर डेटेरेंट फोर्स को अलर्ट पर रहने का आदेश दे दिया था. ये फोर्स परमाणु हमलों को अंजाम देने और उनसे बचाने वाली टुकड़ी है. इसके बाद परमाणु हमले की आशंका बढ़ गई थी. लेकिन अब जेलेंस्की ने टेक्टिकल परमाणु हथियारों के इस्तेमाल का अंदेशा जताया है.
ये भी पढ़ें-- Ukraine: दो दिन की जंग, दो महीने से जारी.. छोटे से यूक्रेन के सामने क्यों बेअसर है पुतिन की पावरफुल आर्मी?
क्या होते हैं टेक्टिकल परमाणु हथियार?
- परमाणु हथियारों को दो कैटेगरी में बांटा गया है. एक है स्ट्रैटजिक और दूसरी है टेक्टिकल. स्ट्रैटजिक परमाणु हथियारों का इस्तेमाल लंबी दूरी के लिए किया जाता है. इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा तबाही मचाना होता है. वहीं, टेक्टिकल परमाणु हथियार कम दूरी के लिए और कम तबाही मचाने के लिए होता है.

पिछले 25 दिनों से पूरी दुनिया इस सवाल का जवाब ढूंढ रही है कि सऊदी अरब, यूएई, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देश इस युद्ध में ईरान के खिलाफ शामिल होंगे या नहीं होंगे. लेकिन अब ऐसा लगता है कि इस सवाल का जवाब बहुत जल्द पूरी दुनिया को मिलने वाला है और खाड़ी के ये मुस्लिम देश ईरान के खिलाफ Full Scale War शुरू कर सकते हैं. देखें.

इज़रायल ने एक अली लारिजानी को मारा तो ईरान दूसरा 'लारिजानी' लेकर आ गया. इस बार ईरान ने जिस नेता को नैशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव बनाया है, वो पिछले सभी नेताओं में सबसे ज्यादा कट्टर माना जा रहा है. इनका नाम है मोहम्मद बाघेर जोलघदर, जिन्हें ईरान की सिक्योरिटी डीप स्टेट का आदमी माना जाता है. देखें वीडियो.

युद्ध का आज 25वां दिन है. कल अमेरिकी राष्ट्रपति की तरफ से ये संकेत मिले थे कि वो सीजफायर के लिए तैयार हैं. लेकिन ईरान ने इनकार कर दिया है. बल्कि अब तो ईरान के हौसले और ज्यादा बुलंद हो गए हैं. ईरान ने बीती रात से लेकर आज दिन भर इजरायल पर नये हमलों की बाढ़ ला दी है. ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इजरायल में भारी तबाही मचा रही हैं. ईरान रुक नहीं रहा है. इजरायल को बड़ा नुकसान पहुंचा रहा है.

आज का दंगल ईरान की जंग से भारत की बिगड़ती सेहत को लेकर है. ईरान में 25 दिन से जंग चल रही है. और पीएम मोदी ने कहा है कि इस जंग के कारण भारत पर दूरगामी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है. पीएम मोदी ने कोविड महामारी की तरह मिल जुलकर इस चुनौती का सामना करने की अपील की है और देशवासियों को सभी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने का भरोसा भी दिया है. पश्चिम एशिया में जंग के हालात से उभरी चुनौतियों को लेकर सरकार ने कल सर्वदलीय बैठक भी बुलाई है.

हिज्बुल्लाह ने इजरायली सेना पर जबरदस्त रॉकेट हमला किया है. हिजबुल्लाह प्रवक्ता ने कहा है कि हमने दुश्मन पर कई रॉकेट दागे हैं. उन्होंने कहा कि आज सुबह ये हमला लेबनान की सुरक्षा के लिए किया गया. इजरायल ने भी माना है कि हाइफा में कई रॉकेट दागे गए, लेकिन इजरायल का दावा है कि हमने ज्यादातर हमलों को नाकाम कर दिया. देखें वीडियो.








