
Ram Temple के साथ हो रहा Ayodhya का निर्माण, डिप्टी सीएम Keshav Prasad Maurya ने किया ये ऐलान
Zee News
उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Keshav Prasad Maurya) ने अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण से लेकर 2022 में होने जा रहे यूपी के विधानसभा चुनावों पर भी चर्चा की. मुलाकात के दौरान वो बीजेपी की सरकार की दोबारा वापसी को लेकर आश्वस्त दिखे.
नई दिल्ली: जब से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अयोध्या में जारी कार्यों की समीक्षा बैठक (Ayodhya Development Plan Review) की है उसके बाद से उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य (Deputy CM Keshav Prasad Maurya) ने अयोध्या के दौरे बढ़ा दिए हैं. उपमुख्यमंत्री मौर्य ने ज़ी न्यूज़ (Zee News) के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में कहा कि राम मंदिर निर्माण के साथ साथ अयोध्या का भी निर्माण हो रहा है. इसी सिलसिले में अब वहां पर कारसेवकों के नाम पर सड़क का निर्माण कराया जाएगा. डिप्टी सीएम मौर्या ने कहा कि दो महीने में भगवान राम के वनगमन मार्ग का निर्माण शुरू हो जाएगा. पवित्र ग्रंथ श्री रामचरित मानस (रामायण) के संदर्भों को ध्यान में रखते हुए उस मार्ग को धार्मिक महत्व की दृष्टि से विकसित किया जाएगा. वहीं अयोध्या से चित्रकूट तक का हिस्सा विशेष आकर्षण का केंद्र होगा.
Ice Breaker missile: भारतीय नौसेना अब अपने बेड़े को और भी ज्यादा खतरनाक बनाने के लिए एक ऐसे मिसाइल सिस्टम पर विचार कर रही है, जो समंदर के बीचों-बीच दुश्मन के होश उड़ा देगा. खबर आ रही है कि भारतीय नौसेना अपने MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों को इजरायल की आधुनिक 'आइस ब्रेकर' मिसाइल से लैस करने की योजना बना रही है. खास बात यह है कि भारतीय वायुसेना पहले ही इस मिसाइल को अपनी ताकत में शामिल करने की मंजूरी दे चुकी है.

Line Replaceable Units: RVAS ने भारत के स्वदेशी फाइटर प्रोग्राम में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है. कंपनी अब तेजस Mk-2 के लिए एक महत्वपूर्ण Line Replaceable Unit के विकास में भागीदार बन गई है. तेजस Mk-2 को भारतीय वायुसेना के भविष्य के बेड़े की रीढ़ माना जा रहा है. तेजस Mk-2 एक मीडियम-वेट, सिंगल इंजन, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा. इसमें नया एयरफ्रेम, ज्यादा ताकतवर इंजन, आधुनिक एवियोनिक्स, स्वदेशी AESA रडार और ज्यादा हथियार ले जाने की क्षमता होगी.

Pakistani Leader Chief Guest in 1955 republic day: यह किस्सा है साल 1955 का. उस समय भारत ने पाकिस्तान के तत्कालीन गवर्नर जनरल मलिक गुलाम मोहम्मद को गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया था. उस दौर में भारत अपनी लोकतांत्रिक संस्थाओं और परंपराओं को आकार दे रहा था. मलिक गुलाम मोहम्मद का भारत से पुराना जुड़ाव भी रहा था. उन्होंने अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी.










