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दुश्मन के कैंपों पर अब होगा दूर से वार! IIT मद्रास बना रहा है दुनिया का सबसे एडवांस रामजेट इंजन,122mm रॉकेट को देगा ताकत
Zee News
Ramjet powered rocket: IIT मद्रास के शोधकर्ता भारतीय सेना के प्रसिद्ध BM-21 Grad रॉकेट लॉन्चर के लिए 122mm रैमजेट पावर्ड रॉकेट विकसित करने की योजना बना रहे हैं. यही नहीं, भविष्य में भारत के अपने स्वदेशी Pinaka रॉकेट सिस्टम के लिए भी इसी तकनीक का एक एडवांस वर्जन तैयार किया जाएगा. इस तकनीक के आने से रॉकेटों की रेंज और रफ्तार में भारी इजाफा होने की उम्मीद है.
Ramjet powered rocket: भारतीय सेना की आर्टिलरी यानी तोपखाने की ताकत अब एक नई ऊंचाई पर पहुंचने वाली है. IIT मद्रास के वैज्ञानिकों ने एक ऐसी तकनीक पर काम शुरू कर दिया है, जो हमारे पुराने रॉकेट सिस्टम में नई जान फूंक देगी. ऐसे में, अब रॉकेट न केवल तेजी से उड़ेंगे, बल्कि उनकी मारक क्षमता भी दोगुनी से ज्यादा हो जाएगी. यह सब मुमकिन होगा 'रैमजेट' तकनीक की मदद से. आमतौर पर रॉकेटों में जलने के लिए ऑक्सीडाइजर साथ ले जाना पड़ता है, जिससे उनका वजन बढ़ जाता है और रेंज कम हो जाती है. लेकिन IDRW की रिपोर्ट के मुताबिक, IIT मद्रास जिस रैमजेट तकनीक पर काम कर रहा है, वह हवा से ही ऑक्सीजन खींचकर ईंधन जलाती है. इसका मतलब है कि रॉकेट हल्का होगा और बहुत तेज रफ्तार (सुपरसोनिक) से बहुत लंबी दूरी तक जा सकेगा.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









