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इंडियन नेवी में खूंखार 'ब्लैक शॉर्क' की वापसी, 48 हैवीवेट टारपीडो डील रक्षा मंत्रालय से फाइनल; समंदर में उबाल आना तय!
Zee News
48 Black shark Tarpido deal: भारत इटली से 48 हैवीवेड ब्लैक शार्क टारपीडो खरीद रहा है. इंडियन नेवी के लिए होने वाली इस डिफेंस को डील को रक्षा मंत्रालय से मंजूरी मिल गई है. ब्लैक शार्क से इंडियन नेवी की हिंद महासागर में डिटरेंस पावर बढ़ जाएगी. साथ ही चीन की मनमानी पर लगाम लगेगी.
48 Black shark Tarpido deal: इंडियन नेवी का अंडर वाटर पावर बूस्ट होने वाला है. रक्षा मंत्रालय की तरफ एक बड़ी डिफेंस डील को फाइनल किया गया है. इस डिफेंस डील के तहत भारत-इटली से 48 हैवीवेट ब्लैक शार्क टारपीडो खरीदने जा रहा है. इससे नेवी की डिटरेंस पावर बढ़ेगी. इटली के साथ ब्लैक शार्क की डील भारत ने 10 पहले किया था. उस समय 98 हैवीवेट टारपीडो की डील हुई थी, लेकिन डील से जुड़े लोगों के हाथ भ्रष्टाचार में सन गए थे. इसके बाद 2016 में डील रद्द हो गई.

Indian France Rafale deal: फ्रांस से खरीदे जाने वाले 114 राफेल की मंजूरी डिफेंस प्रोक्योरमेंट बोर्ड से मिल गई है. जिससे यह डील अंतिम चरण में पहुंच गई है. इसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली DAC की बैठक में डील पर चर्चा के बाद मुहर लगाई जाएगी. अंतिम हस्तारक्षर इस डील पर पीएम मोदी करेंगे.

India Nuclear Powered Submarine: साल 2040 तक भारत दुनिया का चौथा सबसे बड़ा न्यूक्लियर पावर्ड पनडुब्बी ऑपरेटर बन सकता है. इस दौरान भारत ब्रिटेन को पीछे छोड़ देगा. अमेरिका, रूस और चीन के बाद चौथा देश बन जाएगा. दुनिया में सबसे ज्यादा न्यूक्लियर सबमरीन अमेरिका के पास हैं. इनकी संख्या 60 से 70 के बीच है.

DRDO hypersonic missile: भारतीय नौसेना एक बेहद लंबी दूरी वाली, हवा से लॉन्च होने वाली 'एंटी-शिप बैलिस्टिक' मिसाइल हासिल करने की योजना बना रही है. यह मिसाइल 1,000 किलोमीटर तक मार करने में सक्षम होगी. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि हमारे लड़ाकू विमान दुश्मन के एयर डिफेंस सिस्टम की रेंज में आए बिना ही उनके जहाजों को समंदर की गहराइयों में भेज सकेंगे.

30MM Naval Gun Indian Navy: यह गन सिस्टम भारत फोर्ज के आर्टिलरी सेक्टर में अनुभव पर आधारित है. कंपनी पहले ही 30×173 मिमी NATO स्टैंडर्ड कैलिबर पर आधारित मॉड्यूलर टर्रेट्स विकसित कर चुकी है. इनका इस्तेमाल इंफैंट्री कॉम्बैट व्हीकल्स में होता है. यही कैलिबर समुद्री नजदीकी लड़ाई (Close-Range Engagement) के लिए भी प्रभावी माना जाता है.









