
Pakistan Team T20 World Cup 2022: कहीं टी20 वर्ल्ड कप ना जीत जाए पाकिस्तान, 1992 में भी बने थे ऐसे ही हालात!
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पाकिस्तान की टीम जैसे-तैसे टी20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में पहुंच चुकी है. अब सेमीफाइनल मुकाबले में पाकिस्तान टीम की टक्कर न्यूजीलैंड से होनी है. देखा जाए तो पाकिस्तान टीम के हालात ठीक वैसे ही हैं जैसे 1992 वर्ल्ड कप के वर्ल्ड कप के दौरान थे. उस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान टीम किस्मत के सहारे विजेता बन बैठी थी.
साल 1992 का क्रिकेट का विश्व कप चल रहा था जिसमें ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड को संयुक्त रूप से मेज़बानी मिली हुई थी. उस वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की टीम शुरुआती 5 मैचों में सिर्फ 3 प्वाइंट ला सकी थी. पहले ही मैच में वेस्टइंडीज़ के ख़िलाफ़ रमीज़ राजा ने सेंचुरी मारी लेकिन टीम 220 रनों का स्कोर बचा नहीं सकी. उन्हें इमरान ख़ान की कमी खली जो कंधे की चोट की वजह से खेल नहीं सके.
ज़िम्बाब्वे के साथ अगले मैच में उन्होंने 2 प्वाइंट कमाए लेकिन फिर इंग्लैण्ड के ख़िलाफ़ टीम महज़ 74 रनों पर आउट हो गयी. लेकिन किस्मत का हाल ये था कि बारिश के चलते इस मैच से भी पाकिस्तान 1 प्वाइंट कमा ले गयी. फिर इंडिया ने उन्हें 43 रनों से हराया और साउथ अफ़्रीका ने 20 रनों से. इस मैच तक रमीज़ राजा के कंधे में चोट लग चुकी थी और जावेद मिआंदाद के पेट में सूजन (गैस्ट्राइटिस) हो चुकी थी. अगर पाकिस्तान को आगे जाना था तो उन्हें अपने बचे हुए सभी मैच जीतने थे.
पाकिस्तान का अगला मैच ऑस्ट्रेलिया से होना था. टीम मैदान में आने को तैयार थी. इमरान ख़ान ने खिलाड़ियों को इकट्ठा किया और कहा- 'हमारे पास खोने को कुछ नहीं है. हमें मैदान में जाकर कोने में घिरे टाइगर की तरह लड़ना है.' इमरान टॉस के लिए गए. उनके साथ ऑस्ट्रेलिया के कप्तान ऐलन बॉर्डर थे. बॉर्डर ने अपने देश की किट पहनी हुई थी. उधर इमरान ख़ान ने अपनी टीम की किट तो पहनी थी लेकिन आधी. उन्होंने किट वाली टीशर्ट की जगह एक सफ़ेद टीशर्ट पहनी थी जिसपर एक टाइगर बना हुआ था. प्रेज़ेंटर ज्योफ़री बॉयकॉट ने टीशर्ट के बारे में पूछा. इमरान का जवाब था- 'मैं यही अभी ऐलन को बता रहा था कि मैं चाहता हूं कि मेरी टीम एक कोने में घिरे टाइगर (Cornered Tiger) की तरह खेले, जब वो अपने सबसे ख़तरनाक रूप में होता है.'
5 मैच में 3 प्वाइंट के बाद ऑस्ट्रेलिया को हराया
ऑस्ट्रेलिया के ख़िलाफ़ आमिर सोहेल ने 76 और अभी भी बीमार चल रहे जावेद मिआंदाद ने 46 रन बनाये. लेकिन उनके तीन बल्लेबाज़ सलीम मलिक, इजाज़ अहमद और वसीम अकरम बगैर एक भी रन बनाए आउट हो गए. पाकिस्तान की टीम 220 रनों के स्कोर पर ऑल-आउट हुई जो बहुत ठीक नहीं लग रहा था. लेकिन फिर आकिब जावेद ने ऑस्ट्रेलिया को शुरुआती झटके दिए और टॉम मूडी और डेविड बून को 31 के स्कोर पर वापस भेज दिया. इसके बाद डीन जोन्स और ज्योफ़ मार्श के बीच एक साझेदारी बननी शुरू हुई. 29वें ओवर में ऑस्ट्रेलिया का स्कोर 100 रन पर पहुंच गया. अगले 3 ओवर में 16 रन और आ गए. ऑस्ट्रेलिया को पौने 6 रन प्रति ओवर की औसत से 105 रन और चाहिए थे. जोन्स और मार्श दोनों ही खूंटा गाड़े हुए दिख रहे थे. मार्क वॉ, कप्तान बॉर्डर, स्टीव वॉ और इयान हीली अभी बाक़ी थे.
मैच फंसा हुआ था लेकिन अपने घर में खेल रही ऑस्ट्रेलिया का पलड़ा भारी दिख रहा था. और फिर 47 रन पर खेल रहे डीन जोन्स ने मुश्ताक़ अहमद को वाइड लॉन्ग-ऑफ़ के ऊपर से मारने की कोशिश की. लेकिन गेंद पड़कर बाहर निकली और खड़ी हो गई. आकिब जावेद ने आकर कैच पकड़ा और अचानक मैच का कांटा पाकिस्तान की ओर आ झुका. 3 ओवर बाद ही, इमरान ख़ान की गेंद को ज्योफ़्री मार्श कट करने के लिये गए. लेकिन गेंद उनके शरीर से बहुत क़रीब थी और विकेट के पीछे मोईन ख़ान ने कैच पकड़ा. टीम के खाते में एक ही रन आया था कि मुश्ताक़ अहमद की गेंद को स्क्वायर लेग के ऊपर से मारने के चक्कर में कप्तान ऐलन बॉर्डर ने इजाज़ अहमद को सीधा कैच पकड़ा दिया. ऑस्ट्रेलिया की आधी टीम 123 रनों पर वापस जा चुकी थी. इसके बाद अगले 8 ओवरों में ऑस्ट्रेलिया के खाते में 45 रन और जुड़े और पूरी टीम आउट हो गई.

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