
PAK: जनता के सामने PM शहबाज शरीफ की फजीहत, बोलना पड़ा- बैठ जाएं, जल्द खाना मिलेगा
AajTak
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को खैबर पख्तूनख्वा में एक एयरपोर्ट की आधारशिला रखी. उन्होंने इस कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमने आज यहां नए एयरपोर्ट की आधारशिला रखी है. यहां पर बोइंग जहाज उतर सकेंगे और इस एयरपोर्ट को कामयाब बनाने के लिए जो मंसूबा इंडस्ट्री ने देखा है, वह पूरा होगा.
पड़ोसी देश पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो में देखा जा सकता है कि शहबाज एक जनसभा को संबोधित कर रहे हैं. लेकिन इस बीच एक शख्स खड़ा होकर चिल्लाने लगता है. शहबाज उस शख्स को शांत कराने के लिए कहते हैं कि आप बैठ जाएं ना, खाना जल्द मिलेगा.
शहबाज शरीफ ने सोमवार को खैबर पख्तूनख्वा में एक एयरपोर्ट की आधारशिला रखी. उन्होंने इस कार्यक्रम में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हमने आज यहां नए एयरपोर्ट की आधारशिला रखी है. यहां पर 777 जहाज उतर सकेंगे और इस एयरपोर्ट को कामयाब बनाने के लिए जो मंसूबा इंडस्ट्री ने देखा है, वह पूरा होगा. मैं गुजारिश कर रहा हूं कि हम मुस्तैदी से एयरपोर्ट पर काम करेंगे.
वह अपना भाषण दे ही रहे थे कि तभी एक शख्स बीच में उठकर चिल्लाने लगा, जिसे शांत कराने के लिए शहबाज ने कहा कि बैठ जाएं ना जी, इंशाअल्लाह अभी खाना मिल जाएगा, फिक्र ना करें. इसके बाद शहबाज अपना भाषण देना जारी रखते हैं.
बता दें कि इस वीडियो को उर्दू न्यूज चैनल पीटीवी न्यूज ने जारी किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस दौरान शरीफ ने कई और परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी. उन्होंने कहा कि ये चुनौतियां कई गुना हो सकती हैं. लेकिन देश के 22 करोड़ लोगों को चिंता नहीं करनी चाहिए. क्योंकि गठबंधन सरकार अपनी सहयोगी पार्टियों के साथ मिलकर देश को इन चुनौतियों से बाहर निकालेगी.
इस दौरान शहबाज शरीफ ने कहा कि तरक्की और समृद्धि हासिल करने के लिए उन्हें पूरी लगन के साथ मेहनत करनी होगी. उन्होंने कहा कि देशों को हमेशा मुश्किलों का सामना करना पड़ा है और गठबंधन सरकार पाकिस्तान को कड़ी मेहनत से ही विकास के रास्ते पर ले जाएगी.

ट्रंप ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम को संबोधित करते हुए कहा कि मुझे यूरोप से प्यार है लेकिन वह सही दिशा में आगे नहीं बढ़ रहा है. दुनिया हमें फॉलो कर बर्बादी के रास्ते से बच सकती है. मैंने कई मुल्कों को बर्बाद होते देखा है. यूरोप में मास माइग्रेशन हो रहा है. अभी वो समझ नहीं रहे हैं कि इसके क्या-क्या दुष्प्रभाव हो सकते हैं. यूरोपीयन यूनियन को मेरी सरकार से सीखना चाहिए.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्विट्जरलैंड के दावोस में ग्रीनलैंड को लेकर बड़ा प्रस्ताव रखा है. उन्होंने साफ कहा है कि अगर ग्रीनलैंड अमेरिका को नहीं दिया गया तो वे यूरोप के आठ बड़े देशों पर टैरिफ लगाएं जाएंगे. इस स्थिति ने यूरोप और डेनमार्क को ट्रंप के खिलाफ खड़ा कर दिया है. यूरोप और डेनमार्क ने स्पष्ट कर दिया है कि वे ट्रंप के इस ब्लैकमेल को बर्दाश्त नहीं करेंगे.

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विमान को एक तकनीकी खराबी की वजह से वापस वाशिंगटन लौट आया. विमान को ज्वाइंट बेस एंड्रयूज में सुरक्षित उतारा गया. ट्रंप के एयर फोर्स वन विमान में तकनीकि खराबी की वजह से ऐसा करना पड़ा. विमान के चालक दल ने उड़ान भरने के तुरंत बाद उसमें एक मामूली बिजली खराबी की पहचान की थी. राष्ट्रपति ट्रंप वर्ल्ड इकोनॉमिक फ़ोरम की बैठक में शिरकत करने के लिए स्विट्ज़रलैंड के दावोस जा रहे थे.

ग्रीनलैंड में आजादी की मांग दशकों से चल रही है. फिलहाल यह द्वीप देश डेनमार्क के अधीन अर्ध स्वायत्त तरीके से काम करता है. मतलब घरेलू मामलों को ग्रीनलैंडर्स देखते हैं, लेकिन फॉरेन पॉलिसी और रक्षा विभाग डेनमार्क सरकार के पास हैं. अब कयास लग रहे हैं कि डोनाल्ड ट्रंप की ग्रीनलैंड पर कब्जे की जिद के बीच वहां अलगाववाद को और हवा मिलेगी.

स्विटजरलैंड के दावोस में चल रहे WEF की बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने ट्रंप को बताया कि अमेरिका जैसी शक्ति को क्यों कानून आधारित वर्ल्ड ऑर्डर का सम्मान करना चाहिए. उन्होंने कहा कि आज की दुनिया में बहुपक्षवाद के बिखरने का डर सता रहा है. मैक्रों ने कहा कि दुनिया में जोर जबरदस्ती के बजाय सम्मान और नियम-आधारित व्यवस्था को प्राथमिकता देने की जरूरत है.

कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के दावोस भाषण ने उस धारणा को तोड़ दिया कि वेस्टर्न ऑर्डर निष्पक्ष और नियमों पर चलने वाली है. कार्नी ने साफ इशारा किया कि अमेरिका अब वैश्विक व्यवस्था को संभालने वाली नहीं, बल्कि उसे बिगाड़ने वाली ताकत बन चुका है. ट्रंप के टैरिफ, धमकियों और दबाव की राजनीति के बीच मझोले देशों को उन्होंने सीधा संदेश दिया है- खुद को बदलो, नहीं तो बर्बाद हो जाओगे.







