
'बेटा होने वाला है', जेडी वेंस का यह पोस्ट अमेरिका के सेक्स डिटरमिनेशन कानून पर काफी कुछ कहता है
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अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और उनकी पत्नी उषा वेंस ने सोशल मीडिया पर घोषणा की है कि उनका चौथा बच्चा एक बेटा होगा. उनका बेटा जुलाई के अंत में होने वाला है. अमेरिका में भ्रूण के लिंग की जांच पर कोई फेडरल प्रतिबंध नहीं है, जबकि भारत में भ्रूण लिंग जांच पर सख्त कानून लागू है.
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और सेकंड लेडी उषा वेंस के घर चौथा बच्चा आ रहा है. कपल ने एक सोशल मीडिया पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है. जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि उनका चौथा बच्चा एक बेटा होगा. जेडी वेंस का चौथा बच्चा जुलाई के अंत में होने वाला है.
इंस्टाग्राम पर जारी संयुक्त बयान में कपल ने कहा, 'हमें यह बताते हुए बहुत खुशी हो रही है कि उषा प्रेग्नेंट हैं. हमें एक बेटा होगा. उषा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं और हम सभी जुलाई के अंत में उसके स्वागत का इंतजार कर रहे हैं.'
जेडी वेंस और उषा वेंस की सोशल मीडिया घोषणा में उनके अजन्मे बच्चे का लिंग बताया गया जिसे सुनकर भारत में कई लोगों को हैरानी हो रही है. लेकिन अमेरिका में जन्म से पहले भ्रूण के लिंग का पता लगना कोई हैरानी वाली बात नहीं है.
भ्रूण के लिंग (लड़का/लड़की) की जांच को लेकर अमेरिका में भारत जैसे स्पष्ट कानूनी पाबंदी नहीं है. यानी वहां गर्भ में बच्चे का लिंग जानना कानूनन अपराध जैसा नहीं माना जाता.
अमेरिका में फेडरल सरकार ने कोई ऐसा कानून नहीं बनाया है जो उसके राज्यों में भ्रूण लिंग पता करना या बताना कानूनन अवैध घोषित करे.
अमेरिका में कई प्राइवेट फर्टिलिटी और जेनेटिक टेस्टिंग क्लीनिक लिंग की जानकारी देते हैं, खासकर जब गर्भ में बच्चा देखने वाली अल्ट्रासाउंड या जेनेटिक प्रीस्क्रीनिंग (जैसे NIPT) कराई जाती है. हालांकि, कुछ क्लीनिक नैतिक कारणों से लिंग बताना नहीं चाहते या इसे बाद में बताते हैं. अमेरिका में यह नियम नहीं है लेकिन कुछ क्लीनिक अपने लिए नीति बनाते हैं कि वो लिंग नहीं बताएंगे या बाद में बताएंगे.

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